पिंडर घाटी के तमाम गांवों में धूमधाम से मनाया गया हरेला पर्व

  • जनप्रतिनिधियों के साथ ही वन विभाग, वन पंचायत, शिक्षण संस्थाओं व अन्य विभागों ने वृहद स्तर आयोजित किये पौधरोपण कार्यक्रम

थराली से हरेंद्र बिष्ट।

हरेला पर्व को जहां पिंडर घाटी में स्थानीय लोगों ने परम्परागत रूप से एक त्यौहार के रूप में मनाया वही सरकारी स्तर पर वन विभाग, वन पंचायत, शिक्षण संस्थाओं सहित तमाम अन्य विभागों ने पौधरोपण कार्यक्रमों के आयोजन के साथ मनाया।
पिंडर घाटी के थराली, देवाल व नारायणबगड़ ब्लाकों के तमाम गांवों और घरों में हरेला के त्यौहार को स्थानीय लोगों ने परम्परागत रूप से पूजा-पाठ कर मनाया। जबकि सरकारी स्तर पर पूरे क्षेत्र में बृहद रूप से पौधरोपण कर इस त्योहार को हरेला दिवस के रूप में मनाया गया।

थराली में तहसील कार्यालय में  तहसीलदार सुदर्शन सिंह बुटोला रावत, मध्य पिंडर रेंज थराली के रेंजर गोपाल सिंह बिष्ट आदि के नेतृत्व में तहसील कार्यालय, वन विभाग सहित तमाम अन्य विभागों के अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों ने बृहद रूप से पौधरोपण कर रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस मौके पर तहसीलदार बुटोला ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए पौधरोपण एकमात्र विकल्प है। इस लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति जितना हो सके पौधरोपण करने का प्रयास करें। इस मौके पर रेंजर गोपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि पौधरोपण के साथ ही जंगलों को दावानल से बचाने के लिए भी हमेशा नागरिकों को आगे आना चाहिए ताकि बहुमूल्य वन संपदा की रक्षा की जा सके।

देवाल के ब्लाक प्रमुख दर्शन दानू ने भी हरेला पर्व पर लोगों को बधाई देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील करते हुए पूर्व पिंडर रेंज देवाल रेंजर त्रिलोक सिंह बिष्ट सहित वन विभाग, ब्लाक कार्यालय के कर्मियों के साथ शिशु मंदिर कांडेई, देवाल, पूर्णा आदि स्थानों पर पौधरोपण किया। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी पन्ना लाल, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, गणेश मिश्रा, मनोज कुमार, रमेश गड़िया, तारिक मियां, किशोर घुनियाल आदि मौजूद थे।
थराली में ब्लाक प्रमुख कविता नेगी व वन अधिकारी मक्खन लाल ने लोल्टी में, नगर पंचायत अध्यक्ष दीपा भारती, प्रधान सीमा देवी ने देवराड़ा में, वन दारोगा खीमानंद खंडूड़ी व सरपंच सुरेंद्र फर्स्वाण ने सिमलसैंण में पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इनके अलावा ग्वालदम, तलवाड़ी, कुलसारी, हरमनी, चेपड़ो, मंदोली, वांण, डुंग्री, कुराड़, रणगांव, केरा, कोठी आदि स्थानों पर भी बृहद वृक्षारोपण किया गया।

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