उत्तराखंड : सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं!

कोरोना पर काबू पाने को कसी कमर

  • मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई के साथ ही इंटेलीजेंस, एलआईयू और सूचना विभाग को इस पर निरंतर निगरानी रखने की दी हिदायत
  • मुख्यमंत्री ने आज कोविड-19 के संक्रमण तथा बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग व जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा  

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड टेस्टिंग तेजी से बढ़ाई जाये। कोविड अस्पतालों में प्रत्येक बैड के साथ ऑक्सीजन सिलेण्डर की व्यवस्था की जाये। वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए कोविड से संबधित आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाये। फ्रंट लाईन वर्कर की सुरक्षा का ध्यान रखा जाये। यह सुनिश्चित किया जाये कि फ्रंट लाईन वर्कर फेस शील्ड, मास्क एवं अन्य मानकों का पालन करें। कोविड-19 के दृष्टिगत औद्योगिक संस्थानों में पूरे सुरक्षात्मक उपाय किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाये कि औद्योगिक संस्थानों में कार्य भी प्रभावित न हो और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सर्विलांस सिस्टम और मजबूत हो। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कारवाई की जाये। इंटेलीजेंस, एलआईयू एवं सूचना विभाग इस पर निरंतर निगरानी रखें। कोविड अस्पतालों में सीनियर डॉक्टर लगातार विजिट करें।
मुख्यमंत्री ने आज शनिवार को सचिवालय में कोविड-19 के संक्रमण तथा बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो लोग राज्य से अन्य राज्यों में जा रहे हैं या अन्य राज्यों से आ रहे हैं, कोई गलत जानकारी दे रहे हैं या सच्चाई को छिपा रहे हैं, ऐसे लोगों पर सख्त कारवाई की जाये। हाई रिस्क एरिया से आने वाले सभी लोगों की सैंपलिंग की जाये। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ में कोर्डिनेशन की कमी की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कमिश्नर कुमाऊं को स्वयं जिम्मेदारी लेने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कारवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कोविड पर प्रभावी नियंत्रण एवं आवश्यक संसाधनों के उपलब्धता के लिए इंटर डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेशन बनाकर रखें। कोविड केयर सेंटर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जाय। कोविड से निपटने के लिए धन का कोई अभाव नहीं है।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि कोविड पर नियंत्रण के लिए मेनपावर का विशेष ध्यान दिया जाये। आवश्यक संसाधन के साथ मैनपावर का होना जरूरी है। सभी जिलाधिकारी आवश्यक सामग्रियों हेतु 02 माह का प्लान बनाकर रखें। होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कारवाई की जाये। गम्भीर मामलों को सीनियर चिकित्सक व्यक्तिगत रूप से देंखें। सीएमओ एवं जिलाधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। मृत्युदर को बढ़ने से रोका जाये एवं डेथ ऑडिट भी प्रोपर तरीके से हो।  
गढ़वाल कमिश्नर श्री रविनाथ रमन ने कहा कि राज्य के बोर्डर पर नियमित निगरानी की आवश्कता है। राज्य में ऑफिशयल एवं पर्सनल पर्पज से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी रखी जाय। कुमाऊं कमिश्नर  अरविन्द सिंह ह्यांकी ने कहा कि जिलाधिकारियों ट्रू-नेट मशीन से टेस्टिंग बढ़ानी होगी। इससे रिपोर्ट भी जल्द प्राप्त होगी। इस अवसर पर सचिव शैलेष बगोली, पंकज पाण्डेय, एसए मुरूगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, डीजी स्वास्थ्य अमिता उप्रेती एवं वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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