नई दिल्ली। गाजा में हमास और इजरायल के बीच बीते एक महीने से जंग जारी है और अब तक 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से ही गाजा युद्ध का मैदान बन चुका है, जहां हमास के हमले के बाद इजरायल ताबड़तोड़ हमले कर रहा है और आतंकी ठिकाने को मिटाने में जुटा है।

हमास के खिलाफ जारी जंग के बीच इजरायल को अब अचानक 1 लाख भारतीय मजदूरों की जरूरत आन पड़ी है। इजरायल भारत से करीब 1 लाख मजदूर ले जाना चाहता है। दरअसल, इजरायली बिल्डर्स एसोसिएशन ने इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार से 1 लाख भारतीय श्रमिकों की भर्ती की मांग की है।

एक अमेरिकी मीडिया के साथ बात करते हुए इस्राइल बिल्डर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हाएम फेगलिन ने बताया कि ‘अगर इस्राइल की सरकार मंजूरी दे देती है तो इस्राइली कंस्ट्रक्शन (निर्माण) कंपनियां एक लाख भारतीयों को नौकरी देने के लिए तैयार हैं, जो फलस्तीन के 90 हजार कामगारों की जगह लेंगे।’ हाएम ने बताया कि ‘फिलहाल वह भारत के साथ बात कर रहे हैं और इस्राइल सरकार द्वारा मंजूरी देने का इंतजार कर रहे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि 50 हजार से एक लाख भारतीय कामगार इस्राइल के निर्माण क्षेत्र को चला सकते हैं।’ हालांकि इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइल के कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 25 प्रतिशत कामगार फलस्तीनी हैं। अब चूंकि हमास के बीती 7 अक्तूबर के हमले के बाद से इस्राइल और हमास के बीच भीषण लड़ाई छिड़ी है और अब तक इस लड़ाई में 11 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ऐसे में या तो फलस्तीनी कामगार काम पर नहीं आ रहे हैं या फिर इस्राइल की सरकार द्वारा उन्हें आने की मंजूरी ही नहीं दी जा रही है। फलस्तीन से इस्राइल जाकर काम करने वाले 10 प्रतिशत कर्मचारी गाजा पट्टी के रहने वाले हैं और बाकी वेस्ट बैंक के निवासी हैं।

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