देहरादून। आज उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ ने एक ऐसे गम्भीर प्रकरण से अवगत कराया। जिसमें उत्तराखण्ड सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का एक घिनौना कृत्य किया गया है। एक ऐसा विभाग जिसमें काफी लंबे समय से लगातार भ्रष्टाचार के गम्भीर मामले सामने आ रहे हैं। परंतु 2025 तक उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त करने के दावे करने वाली सरकार एवं सम्बन्धित विभाग द्वारा लगातार भ्रष्टाचार को दबाने के लिए उस पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। एक ओर जहाँ उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ भ्रष्टाचार को लेकर लगातार पिछले कई वर्षों से पूरी तरह अपनी पैनी निगाहें रखते हुए भ्रष्टाचार की पोल खोलने का काम कर रहा है, ताकि राज्य के आमजनमानस को एक बेहतर व्यवस्था मिल सके। देश के प्रधानमंत्री मा० नरेन्द्र मोदी भी समय-समय पर लाल किले की प्राचीर से देश में भ्रष्टाचार को समाप्त करने की बात करते हैं और हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनका अनुसरण करते हुए लगातार 2025 तक राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त करने के संकल्प को विभिन्न मंचों से दोहराते हैं। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि 2025 तक उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त करने की बात केवल मंचों से की गई घोषणा मात्र बनकर रह गई है क्योंकि धरातल पर मा० मुख्यमंत्री अपने संकल्प को पूरा करने हेतु प्रतिबद्ध नहीं दिख रहे हैं। जो तथ्य हम आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं उसमें सरकार और सरकार के एक महत्वपूर्ण विभाग और विभाग के मंत्री जी की घोर संलिप्तता नजर आ रही है।

पिछले कुछ दिनों से कई मीडिया चैनलों पर जिस गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (GeM) जेम को नौकरियों के लिए आउटसोर्स मैनपॉवर के रूप में उत्तराखण्ड में भी लागू किया जा रहा है। GeM के माध्यम से उत्तराखण्ड सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय पूर्व कुल 9 एनेस्थेसिया वर्कस्टेशन नामक उपकरण / मशीन के लिए निविदा आमंत्रित की, जिसमें आधे दर्जन से अधिक कंपनियों ने आवेदन किया था। जब हमारे संज्ञान में आया कि विभाग द्वारा आवेदन करने वाली कम्पनियों में से किसी एक कंपनी एलाइड मेडिकल लिमिटेड के माध्यम से विभागीय मंत्री एवं अधिकारियों को फायदा पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं तो हमारे संगठन उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ ने इसकी गहन जाँच पड़ताल करना शुरू की तो बड़े स्तर पर खामियां पायी गयी और बड़े स्तर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ ।

निविदा आमंत्रित करने के बाद जिस कंपनी एलाइड मेडिकल लिमिटेड को चयनित किया गया, उस कम्पनी को प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तरप्रदेश शासन के पत्रांक संख्या 2074/ UPHSSP/PSU / 342/2018-19 के दिनांक 09/10/2018 को उत्तरप्रदेश में ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। उसको उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग द्वारा निविदा दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

तदोपरांत जब हमारी टीम द्वारा पूरी प्रक्रिया एवं खरीदे जाने वाले उपकरण की जाँच पड़ताल की गई। तो पाया गया कि उत्तराखंड सरकार इस ब्लैक लिस्ट कंपनी से लगभग 4 गुना अधिक मूल्य पर उपकरण खरीद कर किसे फायदा पहुँचाना चाह रही है। इससे पता चलता है कि सरकार और विभाग की मिलीभगत से जनता के पैसे को ठिकाने लगाया जा रहा है ।

जब उपरोक्त घटनाक्रम की शिकायत MBS इंडिया ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा विकसित CM HELP LINE पोर्टल पर की तो उसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई, यह इसलिए क्योंकि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत निवारण अधिकारी सम्बंधित विभाग से ही हैं। जिनके द्वारा निविदा आमंत्रित की गई थी।

उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ की टीम ने पाया कि इसी ब्लैक लिस्ट कंपनी द्वारा इसी वर्ष 2023 में कस्तूरबा हॉस्पिटल दरियागंज दिल्ली को यह उपकरण रुपये 14,42,500 /- में, SMS मेडिकल कॉलेज जयपुर, राजस्थान को रुपये 11,16,220/- डॉ०बी०आर० अम्बेडकर हॉस्पिटल दिल्ली को रुपये 17,00,500/- तथा वर्ष 2020 में वेस्टर्न कोल फील्ड नागपुर को रुपये 11,67,000 /- एवं उत्तराखण्ड सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त निविदा में यही उपकरण रुपये 59,99,777 /- में खरीदा जा रहा है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रति उपकरण लगभग 45 लाख रुपये अधिक खर्च किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 09 उपकरण खरीदे जाने हैं जिसके लिए कुल मिलाकर सरकार द्वारा लगभग 4 करोड़ से अधिक धनराशि का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हमारी टीम को विश्वसनीय सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ कि सरकार आने वाले समय में ऐसे ही 50 उपकरण खरीदने की योजना बना रही है। तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने को आतुर दिखाई दे रही है।

उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि सरकार द्वारा जनता के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए ब्लैकलिस्ट कम्पनी को दी गयी निविदा को तत्काल निरस्त कर प्रत्येक उपकरण पर 45 लाख रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार करने वाले सम्बंधित अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करें तथा स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत जी से इस्तीफा लिया जाए।

इस मौके पर उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के प्रदेश संयोजक जेपी ध्यानी, सहसंयोजक सुशील कैंतुरा, जनसंपर्क एवं अभिप्रसार सचिव नितिन दत्त, सचिव लोक सूचना प्रभार सुरेश सिंह, सचिन वर्मा, बिट्टू वर्मा, जसपाल चौहान, विशाल चौहान, सुनील चौहान, संजय चौहान, अखिल तोमर आदि उपस्थित रहे ।

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