वाटर पार्क और स्वीमिंग करने वाले हो जाएं सतर्क, ब्रेन को खाने वाले अमीबा से अब तक 22 लोगों की गई जान…

नई दिल्ली। केरल के कोझिकोड में दिमाग खाने वाले अमीबा से संक्रमित होने के कारण 14 वर्षीय मृदुल नामक बच्चे ने अपनी जान गंवा दी है। इस बीमारी को अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (पीएएम) नाम से जानते हैं, जो नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा की वजह से होती है। जब पानी के जरिये यह अमीबा शरीर में पहुंचता है तो महज चार दिन के अंदर यह इंसान के नर्वस सिस्टम यानी दिमाग पर वार करना शुरू कर देता है। जिससे अब तक 3 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। पहला मामला मलप्पुरम की 5 वर्षीय बच्ची की मौत का था और दूसरा कन्नूर की 13 वर्षीय बच्ची की मौत का था।

बता दें की 14 दिन के अंतराल में यह दिमाग में सूजन पैदा कर देता है जिसकी वजह से मरीज की मौत हो जाती है। इस साल केरल में इस बीमारी से यह तीसरी मौत है। हालांकि इससे पहले भी देश के विभिन्न अस्पतालों में अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस बीमारी के मामले सामने आते रहे हैं।

केंद्र सरकार के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के मुताबिक, अब तक केरल से लेकर हरियाणा और चंडीगढ़ तक 22 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से छह मौत 2021 के बाद दर्ज की गईं। केरल में पहला मामला 2016 में सामने आया तब से अब तक यहां आठ मरीज मिले हैं और सभी की मौत हुई। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, साल 2019 तक देश में इस बीमारी के 17 मामले सामने आए लेकिन कोरोना महामारी के बाद कई तरह के संक्रमणों में उछाल देखने को मिला है। इसलिए शायद अचानक से बढ़ी इस बीमारी के पीछे यह एक कारण हो सकता है। 26 मई 2019 को हरियाणा में एक आठ माह की बच्ची में यह बीमारी सामने आई।

क्या है Brain Eating Amoeba

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, Naegleria fowleri एक फ्री लिविंग अमीबा है, जिसे आम भाषा में Brain Eating Amoeba कहा जाता है। यह वॉर्म फ्रेश वॉटर यानी मीठे पानी के गर्म तालाब आदि में रहता है। यह अमीबा नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करका है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को संक्रमित करने लगता है, जो जानलेवा होता है। Brain Eating Amoeba यानी दिमाग खाने वाला अमीबा दिमाग के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाने लगता है, जिसकी वजह से ब्रेन इन्फेक्शन होता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार, कई बार यह अमीबा गंदे स्वीमिंग पूल आदि में भी पाया जा सकता है। इससे संक्रमित होने के दो से 15 दिन के बाद इसके लक्षण नजर आने शुरू हो जाते हैं।

संक्रमण के लक्षण

  • तेज सिर दर्द
  • तेज बुखार
  • मितली
  • उल्टी
  • गर्दन में अकड़न
  • रोशनी से परेशानी
  • कंफ्यूजन
  • भ्रम पैदा होना
  • संतुलन न बना पाना
  • कोमा

कैसे करें इससे बचाव

  • किसी भी वॉर्म फ्रेश वॉटर बॉडी में बिना नोज प्लग लगाए बिना न जाएं। साथ ही, अगर ऐसी संभावना है कि वह पानी Brain Eating Amoeba से संक्रमित है, तो उसमें बिल्कुल न जाएं।
  • नाक साफ करने के लिए पानी को उबालकर ठंडा कर लें, फिर इसका इस्तेमाल करें।
  • क्लोरिनेटेड स्वीमिंग पूल का ही इस्तेमाल करें।
  • तैराकी करते समय मुंह को पानी के भीतर न डालें।
  • किसी गर्म पानी के तलाब या स्वीमिंग पूल में जाने के बाद सिरदर्द या बुखार की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर उन्हें इस बारे में बताएं।

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