• पौड़ी मुख्यालय से 5 किमी दूर नहीं बन सकी सड़क
  • बुजुर्ग के बीमार होने पर डोली में पहुंचाना पड़ा अस्पताल
  • पहाड़ों में अधिकांश जगह इसी तरह की है हालत

पौड़ी। पीर पहाड़ की जाने ना कोई। एसी कमरों में पहाड़ों केे विकास को लेकर लंबी-लंबी शेखी भगारी जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह सड़कें ही नहीं हैं, जहां हैं भी तो वहां खस्ताहाल बनी हुई है। सरकारें अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में मशगूल रहती हैं। पहाड़ के लोग 21वीं सदी में भी अभावों में जीने को मजबूर हैं। सड़कें नहीं होने पर कई किलोमीटर बीमार व्यक्ति को डोली में अस्पताल ले जाना पड़ता है। ताजा मामला है। पौड़ी मुख्यालय के समीपवर्ती कोट ब्लॉक के लीई गांव का। इस गांव में एक बुजुर्ग के बीमार होने पर करीब 5 किलोमीटर डोली में अस्पताल पहुंचा गया। उत्तराखंड के अस्तित्व में आए पूरे 20 हो गए हैं। 20 साल में बच्चा भी गबरू जवान हो जाता है। लेकिन, आज तक हमारा उत्तराखंड जवान नहीं हो पाया है। उत्तराखंड को आज भी सिस्टम के लकवा ने अपंग कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि गठन के 20 साल बाद भी मुख्यालय से सटे ब्लॉक के गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

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