रिश्वतखोर जिला आबकारी निरीक्षक का तबादला कर आयुक्त ने हाथ झाड़े!

  • घूसखोर जिला आबकारी निरीक्षक पर कोई बड़ी कार्रवाई न होने से उठ रहे हैं सवाल

उधमसिंह नगर। यहां के तमाम शराब कारोबारियों ने जिले के आबकारी निरीक्षक पन्नालाल और उनके सिपाही पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया। जिस पर आबकारी आयुक्त सुशील कुमार आबकारी निरीक्षक पन्नालाल का तबादला कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। रिश्वतखोर जिला आबकारी निरीक्षक पर कोई बड़ी कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं।
इस बाबत आबकारी कमिश्नर सुशील कुमार को उधमसिंह नगर जिले के शराब कारोबारियों द्वारा सामूहिक पत्र भेजा गया था। जिसमें आबकारी निरीक्षक पन्नालाल और उनके सिपाही पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था। यह पत्र सामूहिक रूप से सभी शराब दुकानदारों द्वारा लिखा गया था। उनका कहना था कि काफी लंबे समय से उधमसिंह नगर के शराब व्यवसायियों का आबकारी निरीक्षक और उनकी टीम द्वारा शोषण किया जा रहा था। साथ ही बात-बात पर उन्हें शराब की दुकान बंद करने और चालान की धमकी दी जा रही थी और एवज में मोटी रिश्वत की मांग की जा रही थी।
उन्होंने पत्र में लिखा है…
महोदय, निवेदन इस प्रकार है कि हम जबलपुर गदरपुर दिनेशपुर पट्टी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शराब की दुकानों के संचालक हैं। जैसा कि आप जानते है कि कोरोना काल में पहले से ही कारोबार को चलाना और सरकार का राजस्व भरना कठिन हो रहा है। उधर क्षेत्र में तैनात आबकारी निरीक्षक पन्ना लाल, नितिन चौधरी, सिपाही पवन कुमार कम्बोज और चालक धर्मवीर सिंह दुकानों पर आकर मोटी रिश्वत मांग रहे हैं। हर शराब की दुकान से आबकारी निरीक्षक 50,000, सिपाही और चालक 15000 रुपये की मांग कर रहे है। रिश्वत न देने पर सिपाही द्वारा चालान कर दिया जाता है। दुकान बन्द करने की धमकी दी जाती है। जबकि यह सिपाही के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और इनके साथ पीआर विभाग का चालक धर्मवीर सिंह भी पैसे और शराब की मांग करता है और पैसे का लेनदेन भी धर्मवीर के माध्यम से किया जाता है। कोई भी अनुज्ञापी उत्पीड़न की डर से अपना नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहता है।

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