नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब से केवल बीटीसी डिप्लोमा धारक वाले ही लेवल 1 टीचर भर्ती परीक्षा के पात्र होगे। जबकि बीएड उम्मीदवार अब पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ाने के लिए टीचर पदों के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होगे। बीएसटीसी बनाम बीएड विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले की बरकरार रखा है। ऐसे में देश भर के बीएड उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगेगा।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की खण्डपीठ ने आदेश दिया कि राजस्थान शिक्षा विभाग में लेवल-1 स्तर के शिक्षकों की भर्ती के लिए बीएसटीसी डिप्लोमा किए उम्मीदवार ही पात्र हैं, जबकि बीएड किए उम्मीदवार इन पदों के लिए अपात्र हैं।

बता दें कि बीएड बनाम बीएसटीसी विवाद NCTE द्वारा वर्ष 2018 में जारी की गई एक अधिसूचना के बाद शुरू हुआ था, जिसमें कहा गया था कि राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) के लेवल-1 परीक्षा के लिए बीएड डिग्रीधारक इस शर्त पर योग्य होंगे, जबकि वे परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद 6 माह का ब्रिज कोर्स करेंगे। इसे लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में पक्ष और विपक्ष दोनो तरफ से याचिकाएं दायर हुई थीं, जिसमें कोई फैसला नहीं आ पाया था। इस बीच रीट परीक्षा का 2021 की नई अधिसूचना जारी हुई, जिसमें कहा गया कि लेवल 1 के लिए बीएड वाले सिर्फ इस शर्त पर आवेदन कर सकते हैं कि उच्च न्यायालय में सम्बन्धित मामले पर जो भी फैसला आएगा, उन्हें वह मानना होगा।

हालांकि, इस परीक्षा के सितंबर 2022 में होने के बाद बीएसटीसी उम्मीदवार फिर से विरोध करने लगे और मामला एक बार फिर हाई कोर्ट पहुंचा, जिस पर उच्च न्यायालय ने लेवल-1 के लिए सिर्फ बीएसटीसी को ही पात्र बताया। इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया।

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