नैनीताल। गढ़वाल विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के असंबद्धता के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले से डीएवी सहित 10 कॉलेजों को बड़ी राहत मिली है। मामले की सुनवाई करते हुए वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खण्डपीठ ने संबद्धता समाप्त करने के आदेश पर रोक लगा दी है, साथ ही कोर्ट ने केंद्रीय विश्वविद्यालय से मामले में तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

आपकों बता दे कि डीएवी कॉलेज प्रबंधन ने उच्च न्यायलय ने याचिका दायर कर कहा है कि हेमवतीनन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर की एक्जयुक्यूटिव बोर्ड ने डीएवी कॉलेज सहित 9 अन्य कालेजों की सम्बद्धता समाप्त कर दी। जिसमे देहरादून के कई बड़े कालेज भी शामिल है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कालेजो की संवद्धता समाप्त करते हुए उनकी विश्वविद्यालय की बेबसाइट से नाम हटाने के आदेश भी दे दिए है। जिसकी वजह से हजारों बच्चों के भविष्य पर खतरा उतपन्न हो गया है।

याचिका में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय ने बिना किसी कॉलेज का पक्ष सुने, बिना नियमावली का अवलोकन किए उनकी संबद्धता समाप्त कर दी. इसलिए इस आदेश पर रोक लगाई जाये। इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबद्धता समाप्त करने के आदेश पर रोक लगा दी है।

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