देहरादून। विधानसभा सचिवालय ने उत्तराखंड विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। पांच फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा का सत्र शुरू होगा। जारी अधिसूचना के अनुसार, पांच फरवरी को सुबह 11बजे से सत्र की कार्यवाही शुरू होगी।

बता दें कि पिछले साल 8 सितंबर को सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया था। सत्र के तीसरे दिन सरकार ने उत्तराखंड विनियोग (2023-2024 का अनुपूरक) विधेयक समेत 11 विधेयक ध्वनिमत से पारित कराए थे। विधानसभा की कार्यवाही देर रात तक चली थी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए विभागवार अनुपूरक अनुदान मांगों के पारित करते हुए अनुपूरक विधेयक में 11321 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया था। इसमें 3530 करोड़ रुपये का प्रावधान राजस्व और 7790 करोड़ का पूंजीगत मद में किया गया था। अनुपूरक बजट की मंजूरी के बाद राज्य का कुल बजट आकार 88728 करोड़ रुपये का हुआ। इसके अलावा सरकार ने सदन में पेश 12 में से 11 विधेयकों को भी पारित करा दिया था। राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी सेवा में सीधी भर्ती के पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण विधेयक प्रवर समिति को भेज दिया था।

पिछले साल विधानसभा सत्र के तीसरे दिन देर रात तक चले सदन में ध्वनिमत से 11 विधेयक पारित किए गए थे। इसमें उत्तराखंड सड़क संरचना सुरक्षा संशोधन विधेयक, वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी, विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, उत्तराखंड संयुक्त प्रांतीय रक्षक दल अधिनियम संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम संशोधन विधेयक, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक, उत्तराखंड निवेश और आधारित संरचना विकास एवं विनियमन विधेयक, उत्तराखंड निरसन विधेयक, उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान संशोधन विधेयक, राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम संशोधन विधेयक, निजी विवि विधेयक पारित हुए।

समान नागरिक संहिता बिल भी हो सकता है पास:- समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल शासन ने 15 दिन के लिए बढ़ा दिया है। शासन ने समिति से अपेक्षा की है कि वह जल्द से जल्द अपनी संस्तुति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उपलब्ध कराए। सूत्रों के अनुसार दो फरवरी को विशेषज्ञ समिति मुख्यमंत्री को यह ड्राफ्ट सौंप देगी। सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल 26 जनवरी, यानी शुक्रवार को समाप्त हो रहा था। समिति ने ड्राफ्ट तैयार तो कर लिया है लेकिन मुख्यमंत्री को सौंपा नहीं है।

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