उत्तराखंड : बाइक पर बैठाये छह परिजन, मौत ने तीन को छीना!

दिया मौत को बुलावा

  • तीन परिजनों की मौत से पूर परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़  
  • भाभी की मौत होने से दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया

रुड़की। किसी दुपहिये वाहन पर अधिक सवारियों को बैठाना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका एक उदाहरण रुड़की के समीप मंगलौर में ट्रक की टक्कर से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के रूप में सामने आया है। जरा सी लापरवाही के चलते तीन परिजनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे ने जहां कुलदीप की पत्नी के साथ घर का इकलौता चिराग भी बुझा दिया तो वहीं भाभी की मौत से दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिवार वालों का भी रो रोकर बुरा हाल है। कई घरों में चूल्हे भी नहीं जले।

घटनाक्रम के अनुसार मंगलौर निवासी कुलदीप शनिवार सुबह किसी काम से अपनी पत्नी पूनम और डेढ़ साल के बेटे सागर को लेकर रुड़की आया था। दोपहर में तीनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी बीच रोडवेज बस स्टैंड के पास उसके भाई संदीप की पत्नी मीनाक्षी अपने दो बच्चों चिंकी और किरण के साथ घर जाने के लिए सवारी का इंतजार कर रही थी। भाभी को देख कुलदीप ने बाइक रोक ली और तीनों को बैठा लिया। इसके बाद एक ही बाइक पर सभी लोग मंगलौर की ओर चल पड़े। जैसे ही वे कस्बे में एसबीआई की शाखा के सामने पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे बाइक दूर तक फिसलती हुई सड़क पर जा गिरी। हादसे में कुलदीप की पत्नी पूनम और बेटे सागर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कुलदीप, उसकी भाभी के दोनों बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए।रुड़की से पत्नी और बेटे को लेकर बाइक से घर निकले कुलदीप को रास्ते में अपनी भाभी और दो बच्चों को बैठाते समय इसका जरा भी इल्म नहीं था कि उनके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। लेकिन मौत के चक्र ने तीन लोगों को अपना ग्रास बना लिया। पत्नी के साथ इकलौते बेटे की मौत से कुलदीप पर दुखों पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, भाई की पत्नी की मौत से उनके दोनों बच्चों के सिर से ममता का आंचल छिन गया। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची तो परिवार के अन्य लोगों में चीख पुकार मच गई। 

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