सोशल मीडिया में वायरल हुआ उत्तराखंड पंचायत चुनाव का कार्यक्रम, आयोग ने बताई ये हकीकत

देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की जिलों से आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना भी नहीं हुई थी, उधर सोशल मीडिया में चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी हो गया। चुनाव से संबंधित एक पत्र सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ तो राज्य निर्वाचन आयोग ने आगे आकर तत्काल इसका खंडन किया। इस पत्र में में बाकायदा पंचायत चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी किया गया था। जिससे लोगों के बीच गफलत की स्थिति पैदा हो गई।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे पत्र के अनुसार 23 जून को पंचायत चुनाव संबंधित अधिसूचना शासन की ओर से जारी की जाएगी. साथ ही 25 जून को राज्य निर्वाचन आयोग और 26 जून को जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से अधिसूचना जारी करने का जिक्र किया गया है।
इस पत्र के वायरल होने के बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग में हलचलें बढ़ गई। वर्तमान समय में पंचायत के आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आरक्षण के कार्यक्रम के तहत 13 जून यानी आज आरक्षण की अनन्तिम सूची जारी कर दी गई है।

इसके बाद आरक्षण के प्रस्ताव पर आपत्तियां ली जाएंगी। उसका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 18 जून को आरक्षण की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 19 जून को आरक्षण प्रस्ताव को पंचायती राज निदेशालय और राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा। उससे पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र ने प्रदेश की हलचलें बढ़ा दी हैं। पंचायती राज सचिव ने कहा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पत्र पूरी तरह से फर्जी है। अभी कोई भी कार्यक्रम पंचायती राज विभाग की ओर से तय नहीं किया गया है। यही नहीं, राज्य निर्वाचन आयोग ने पत्र जारी कर वायरल पत्र को फर्जी बताया है।








