उत्तराखंड: साइबर ठगों ने बुजुर्ग को 30 घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट, ठग लिए लाखों रुपए

अल्मोड़ा।उत्तराखंड समेत देश भर में साइबर ठगों ने ठगी का कुछ इस तरह का विस्तृत जाल बिछाया है जिससे लोगों का बचना दिन प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। प्रदेश में रोजाना साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं, जिस पर पुलिस प्रशासन लोगों को लगातार जागरुक कर रही है लेकिन बावजूद इसके कुछ लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही कुछ मामला अल्मोड़ा से सामने आया है जहां साइबर ठगो ने मनी लांड्रिंग के नाम पर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को 30 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान आरोपियों ने बुजुर्ग के खाते से 7 लाख 20 हजार रुपए उड़ा लिए। पीड़ित बुजुर्ग ने इस मामले में पुलिस प्रशासन के पास शिकायत दर्ज करवाई है।
जानकारी के अनुसार जनपद अल्मोड़ा के लमगड़ा में स्थित बर्गला के निवासी 65 वर्षीय जीवन सिंह मेहता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बीते 11 जनवरी को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आया था। कॉलर ने बुजुर्ग को बताया कि उनके खिलाफ अशोक गुप्ता मनी लांड्रिंग केस के मामले में शिकायत दर्ज की गई है। उसके बाद कॉलर ने बुजुर्ग को बताया कि अब उनकी बात दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के अधिकारी IPS राकेश कुमार से होगी, आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा की जब तक वे ना कहें तब तक उन्हें कहीं भी आना जाना नहीं है, और इस बात को किसी से साझा करने के लिए भी मना किया।
बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि कुछ समय बाद उनकी राकेश कुमार से बात कराई गई, जिसने बाते कि अशोक गुप्ता ने HDFC बैंक में जीवन सिंह मेहता के नाम से एक खाता खोला है, जिसमें 6.38 करोड़ रुपए का अवैध लेनदेन हुआ है। इस खाते में उनका आधार कार्ड भी लिंक है। अशोक गुप्ता मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 328 लोग शामिल हैं, जिनमें से मुख्य आरोपी अशोक गुप्ता सहित 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद आरोपी राकेश कुमार ने मोबाइल नंबर 7617606984 पर उनकी बात कराई, जिसने खुद को CBI अधिकारी मोहित हुड्डा बताया और अपने लोगों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो का इन्वेस्टिगेशन इंडिया लगाने की बात की।
मोहित हुड्डा ने पीड़ित को बताया कि उन्होंने मनी लांड्रिंग मामले में 6.38 करोड़ रुपए का कमीशन लिया है, अब उन्हें कुल राशि का 99% सरकार को लौटाना होगा, अन्यथा उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। उन्होंने पीड़ित बुजुर्ग को डराते हुए कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। आरोपियों ने इस तरह से बुजुर्ग को बुरी तरह डराकर अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के खाते से 13 जनवरी को 2 लाख 20 हजार, 15 जनवरी को 2 लाख और 16 जनवरी को 3 लाख रूपये RTGS के माध्यम से निकाले।
आरोपियों ने बुजुर्ग से कुल 7 लाख 20 हजार रुपयों की ठगी की। कुछ दिन पहले जब पीड़ित का बेटा दिल्ली से अपने गांव आया। तब उन्होंने अपने बेटे से इस बारे में बताया, तब पीड़ित को पता लगा कि साइबर ठगों ने उनको अपना शिकार बनाया है। तब जाकर पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पीड़ित बुजुर्ग द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।







