देहरादून में अप्रैल में गर्मी ने तोड़ा 17 साल का रिकार्ड, पहली बार लू के चलते स्कूलों की छुट्टी

देहरादून। उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र भीषण गर्मी से बेहाल हैं। देहरादून समेत ज्यादातर मैदानी क्षेत्रों में गर्मी ने कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। पिछले 17 वर्ष में अप्रैल में सर्वाधिक तापमान रिकार्ड किया गया।
राज्य बनने के ढाई दशक के इतिहास में अगर कहीं मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ा तो वह देहरादून पर रहा। कभी छोटी सी बदली बरसने का सिलसिला अब खत्म हो गया। नौबत यहां तक आ गई कि गर्म प्रदेशों की तरह यहां भी प्रशासन को बच्चों की छुट्टी का निर्णय लेना पड़ा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने रविवार दोपहर को ही सोमवार को स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए। ताकि, बच्चों की लू से सुरक्षा की जा सके।
दरअसल, यहां बारिश और सर्दी के मौसम में तो अक्सर स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी होते हैं लेकिन गर्मियों में ऐसा आदेश पहली बार हुआ है। हालांकि, कुछ स्कूलों ने अपने स्तर से इससे पहले ऐसे प्रयास किए हैं कि उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश की संख्या बढ़ा दी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मौमस का पूर्वानुमान है कि सोमवार को दिन भर गर्मी रहेगी। लू भी चल सकती हैं। ऐसे में जिले के एक से 12वीं कक्षा तक के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी के आदेश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि स्कूलों को पहले से निर्देश भी दिए गए हैं कि वहां पर पर्याप्त ठंडे पानी की व्यवस्था होनी आवश्यक है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न जगहों पर लगे प्याऊ और वाटर कूलर आदि को भी नियमित चेक करने के निर्देश प्रशासन के अधिकारियों को दिए गए हैं।
- दून का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो कि पिछले 17 वर्ष में सर्वाधिक है।
- अप्रैल में इससे पहले वर्ष 2009 में दून का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था, यह आल टाइम रिकार्ड है।
- वहीं, प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
- हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कुछ क्षेत्रों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकार्ड किया गया है।
- उधर, पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं आंशिक बादल मंडरा रहे हैं और सुबह-शाम हल्की ठंड बरकरार है। हाल ही में हुई बर्फबारी के चलते चारधाम और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड बनी हुई है।








