उत्तराखंड में मौत का साल बना 2025, सड़क हादसों में मैदान से ज्यादा पहाड़ों में इजाफा

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देहरादून। उत्तराखंड में कई बड़े हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जानें गंवाईं हैं। कल यानी 30 दिसंबर को अल्मोड़ा के भिकियासैंण जालली मोटर मार्ग पर एक यात्री बस खाई में जा गिरी। जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। साल 2025 उम्मीदों से ज्यादा, गहरे घाव दे गया. प्रदेश में हादसों ने कई घरों के चिराग बुझा दिए।

उत्तराखंड में मौत का साल बना 2025:- उत्तराखंड के लिए साल 2025 सड़क हादसों से भरा रहा। पिछले साल के मुकाबले सड़क हादसों में इस साल 145 से ज्यादा मौतें हुई हैं। सबसे हैरानी की बात ये है कि इस साल पहाड़ों में सड़क हादसों का ग्राफ मैदानी इलाकों से भी ऊपर निकल गया है।

साल 2025 में कितने सड़क हादसे:- साल 2025 में 11 महीनों के अंदर उत्तराखंड में 1669 सड़क हादसे हो चुके हैं। पिछले साल इन हादसों की संख्या 1594 थी। यानी इस साल बीते साल से पांच प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछले साल 983 लोगों की मौत हुई थी जिनकी संख्या बढ़कर 1128 पर पहुंच गई।

मैदान से ज्यादा पहाड़ों में इजाफा:- पहले उत्तराखंड में सबसे ज़्यादा हादसे मैदानी इलाकों में होते थे। जिसमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर शामिल है। लेकिन 2025 में पहली बार ग्राफ़ पूरी तरह पलट गया है। अब सबसे ज़्यादा हादसे पहाड़ों में देखने को मिल रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल कितने प्रतिशत हादसे कहा-कहां हुए हैं।

  • बागेश्वर में हादसे 233.33% बढ़ गए
  • नैनीताल: +175%
  • रुद्रप्रयाग: +125%
  • चमोली: +120%
  • पिथौरागढ़: +31%
  • चंपावत: +55%
  • वहीं देहरादून के अंदर हादसे 6.40 प्रतिशत घटे हैं।

2025 में अब तक हुए सबसे बड़े हादसों
2025 में अब तक हुए सबसे बड़े हादसों की बात करें तो:-

  • जनवरी – पौड़ी गढ़वाल – मैक्स खाई में – 6 मरे
  • मार्च – मसूरी रोड – लग्जरी कार ने 6 मजदूरों को कुचला
  • अप्रैल – टिहरी – कार नदी में – पूरा परिवार खत्म
  • मई – चमोली – स्कॉर्पियो खाई में – 5 मरे
  • जून – रुद्रप्रयाग – बस हादसा – 15 मौतें
  • नवंबर – कुंजापुरी मंदिर बस हादसा – 5 मरे
  • दिसंबर – चंपावत बारात की गाड़ी – 5 मरे
  • दिसंबर – ऋषिकेश-हरिद्वार XUV500 – 4 युवक मरे
  • दिसंबर – कैंची धाम स्कॉर्पियो – 3 पर्यटक मरे
  • 30 दिसंबर – अल्मोड़ा भिकियासैंण – 7 मरे

पहाड़ों में बढ़ते सड़क हादसों के पीछे वजह

  • पहाड़ों में बढ़ते सड़क हादसों के पीछे कई वजहें हैं
  • मौसम की मार
  • खराब और संकरी सड़कें
  • तेज़ रफ्तार
  • ड्राइवरों की थकान और लगातार बढ़ता पर्यटन

साल 2025 अब खत्म होने को है आंकड़े सामने हैं तस्वीर साफ है। लेकिन सवाल वही है की क्या आने वाला वक्त पहाड़ों को सुरक्षित बनाएगा? या ये हादसे यूं ही हमारी लापरवाही की कीमत वसूलते रहेंगे।

Enews24x7 Team

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