उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसों पर HC सख्त, धामी सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल।उत्तराखंड हाई कोर्ट ने बढ़ते हेलीकॉप्टर हादसों का स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है और ठोस नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को हुए केदारनाथ हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी सातों लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने तीर्थयात्रा मार्ग पर बढ़ती हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि आठ मई को एक अन्य हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी जिले में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और उसमें भी पायलट समेत छह लोगों की जान चली गयी थी।
यात्रा शुरू होने के बाद पांच हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं और उनमें 13 व्यक्तियों की मौत होने पर अदालत ने सरकार से इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने और अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
रखरखाव और गाइडलाइन को लेकर सवाल
इस मुद्दे पर चिंता जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के संबंध में सवाल पूछे। अदालत ने पूछा कि यात्रा में इस्तेमाल किए जा रहे हेलीकॉप्टर क्या तय कार्यक्रम के हिसाब से संचालित हो रहे हैं और क्या इसमें नियमों का पालन किया जा रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि खराब मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ाना विनाशकारी हो सकता है, और संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर एहतियात बरतने के लिए कहा जाना चाहिए।
वहीं मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने अदालत को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने फिलहाल हेली सेवाओं पर रोक लगा दी है और वह भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सेवा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।








