T20 World Cup में मैच फिक्सिंग, इस टीम के खिलाड़ियों से हुई संपर्क करने की कोशिश, ऐसे खुला राज

नई दिल्‍ली। अमेरिका और वेस्टइंडीज की मेजबानी में इस समय टी20 वर्ल्ड कप 2024 खेला जा रहा है। मगर इसी दौरान मैच फिक्सिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, ताजा मामला टी-20 वर्ल्ड कप 2024 से जुड़ा है। मौजूदा टूर्नामेंट में केन्या के एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी द्वारा युगांडा के एक खिलाड़ी से संपर्क करने का मामला सामना आया है। इसकी जानकारी मिलते ही आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के अधिकारियों ने तुरंत एक्शन ले लिया।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गुयाना में लीग चरण के मैचों के दौरान हुई, जहां केन्या के एक पूर्व तेज गेंदबाज ने युगांडा की टीम के एक सदस्य से कई बार अलग-अलग नंबरों से संपर्क करने की कोशिश की। आईसीसी के सख्त भ्रष्टाचार निरोधक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए युगांडा के खिलाड़ी ने मौके पर मौजूद एसीयू अधिकारियों को संपर्क करने की सूचना दी।

केन्या के पूर्व खिलाड़ी के खिलाफ चेतावनी जारी…

इस घटना के बाद अधिकारियों ने केन्या के पूर्व खिलाड़ी के खिलाफ चेतावनी जारी की और सभी सहयोगी टीमों को उसके बारे में सूचित किया। एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि इस व्यक्ति ने युगांडा की राष्ट्रीय टीम के एक खिलाड़ी को निशाना बनाया। बड़ी टीमों की तुलना में सहयोगी देश भ्रष्टाचार के लिए आसान लक्ष्य होते हैं, लेकिन इस मामले में संपर्क करने वाले खिलाड़ी ने आईसीसी को जल्द से जल्द सूचित करके जरूरी काम किया।

सूचना न देना भी है अपराध…

आईसीसी के भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तहत भ्रष्ट संपर्क की सूचना न देना अपराध है। अन्य अपराधों में मैच फिक्सिंग, खेल पर सट्टा लगाना, अंदरूनी जानकारी का दुरुपयोग और जांच में सहयोग न करना शामिल है। युगांडा ने शुक्रवार को त्रिनिदाद में पापुआ न्यू गिनी पर यादगार जीत और अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज से हार के साथ अपने टी20 विश्व कप अभियान का समापन किया। कनाडा और सह-मेजबान यूएसए के साथ प्रतियोगिता में पहली बार भाग लेने वाले युगांडा ने गुयाना में अपने चार लीग खेलों में से तीन खेले।

खिलाड़ियों के संपर्क में रहती है आईसीसी…

एक अन्य स्रोत ने बताया कि, खिलाड़ियों से हर समय संपर्क किया जाता है, खासकर छोटे देशों से। टी20 विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों में अधिक जांच होती है और यदि आईसीसी एसीयू को कोई संपर्क बताया जाता है, तो उचित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है और उचित जांच की जाती है। दरअसल, प्रतिभागी किसी भी आधिकारिक क्रिकेट में अंतिम बार भाग लेने के बाद 2 साल तक संहिता से बंधे रहते हैं। सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से संभावित खतरे के बारे में जानकारी दी जाती है और उन्हें भ्रष्टाचार विरोधी संहिता से अच्छी तरह वाकिफ कराया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here