चारधाम यात्रा 2026: यात्रियों के लिए राहत भरी खबर, इस बार नहीं बढ़ेगा किराया

देहरादून।साल 2026 में चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन करने पहुंचते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या सड़क मार्ग से आने वालों की होती है।
चारधाम यात्रा में बसों का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति यात्रा में बसों के किराये में कोई वृद्धि नहीं करेगी। राज्य में पंजीकृत बसें रोटेशन के तहत यात्रा में चलेंगी। परिवहन कंपनियां यात्रा के दौरान संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के तहत बसों का संचालन करती है। गुरुवार को सर्व सम्मति से रोटेशन व्यवस्था का विधिवत गठन किया गया। समिति की ओर से पूर्व में ही गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन से जुड़े भास्करानंद भारद्वाज को समिति का अध्यक्ष चुना गया था।
बैठक में तय किया गया कि उत्तराखंड में पंजीकृत सभी बसें रोटेशन व्यवस्था के तहत चारधाम यात्रा में संचालित की जाएंगी। समिति की ओर से इस वर्ष किराये में किसी भी तरह की वृद्धि न करने का निर्णय लिया गया। चारधाम यात्रा का किराया पहले की तरह रहेगा। हरिद्वार से प्रति सीट 4450 और ऋषिकेश से 4250 रुपये किराया रहेगा। संयुक्त रोटेशन की ओर से बसों को यात्रा में भेजने के लिए लाटरी निकाली जाती है। लाटरी में निकले नंबर के आधार पर वाहन भेजे जाते हैं।
अप्रैल में शुरू होगी यात्रा
इस बार चारधाम यात्रा अप्रैल में शुरू हो रही है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं।
यह कंपनियां हैं संयुक्त रोटेशन में
गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन, टिहरी गढ़वाल मोटर आनर्स, यातायात, गढ़वाल मंडल कांट्रेक्ट कैरेज, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति, सीमांत सहकारी संघ लिमिटेड, दून वैली कांट्रेक्ट कैरेज एसोसिएशन, गढ़वाल मोटर यूजर्स, गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति, हरिद्वार कांट्रेक्टर।








