देहरादून डॉक्टर तन्वी आत्महत्या मामला, छात्रा के फोन में हो सकते हैं कई राज…

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय (SGRR) मेडिकल कॉलेज से 24 मार्च को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई थी। जहां नेत्र विज्ञान विभाग (Ophthalmology) से एमएस (MS) कर रही 26 वर्षीय डॉ. तन्वी ने कथित तौर पर अपनी नई HOD की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। वहीं डॉ तन्वी ने आत्महत्या की या फिर उनकी मौत की कोई और वजह थी, ये अभी तक साफ नहीं हुआ है।
पीजी छात्रा डॉ. तन्वी आत्महत्या मामले में पुलिस जांच अब मोबाइल फोन पर केंद्रित हो गई है। माना जा रहा है कि मृतका का फोन इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है। पुलिस की ओर से पीड़ित परिजनों को फोन से छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी गई है। पुलिस जल्द इसे कब्जे में लेगी। जानकारी के मुताबिक बुधवार को डॉ. तन्वी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए शव लेकर अंबाला के लिए रवाना हो गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जब मृतका के फोन के बारे में पूछा तो बताया कि परिजनों से फोन तो लेना ही भूल गए। इसके बाद परिजनों से संपर्क किया गया तो वे काफी दूर निकल गए थे।
पुलिस ने परिजनों से जल्द से जल्द फोन देहरादून भेजने के लिए कहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फोन में कई ऐसे में राज हो सकते हैं जो घटना के कारणों को और अधिक स्पष्टता से व्यक्त कर सकते हैं। इसमें उसकी कॉल डिटेल समेत चैट को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। पिता का दावा है कि आत्महत्या से पहले डॉ. तन्वी ने उनसे करीब एक घंटे तक बात की थी।
इसमें परेशान होने की बात बताई थी। इसके बाद डॉ. तन्वी ने देहरादून में मां को व्हॉट्सएप पर मैसेज कर देरी से घर पहुंचने की बात कही थी। पुलिस को संदेह है कि डॉ. तन्वी की कॉल डिटेल से अहम सुराग निकल सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि आत्महत्या से पूर्व उन्होंने और किसी से भी बात की हो या कोई वीडियो बनाया हो। पुलिस के मुताबिक मृतका के पिता का कहना है कि वे अस्थियां विसर्जन के लिए हरिद्वार आएंगे। तभी पुलिस को फोन सौंप देंगे।







