भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, सीएम धामी ने की पूजा, हजारों श्रद्धालु बने पावन क्षण के साक्षी

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चमोली। विश्व प्रसिद्ध चारधाम में शुमार भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान से खोल दिए गए हैं। भगवान बदरी विशाल के कपाट सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस मौके पर बदरीनाथ मंदिर को करीब 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया। जिससे धाम की छटा देखते ही बन रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इससे पहले बुधवार को ही उद्दव, तेल कलश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई थी, जबकि कुबेर की डोली रात्रि प्रवास के लिए बामणी गांव पहुंची।

वहीं, अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 पूरी तरीके से सुचारू हो गई है। गौर हो कि सबसे पहले यानी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए थे। जिसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए। इसके साथ ही अब आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़ा चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है। चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह श्रद्धालुओं में देखने को मिल रहा है।

बता दें कि भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम चमोली जिले में अलकनंदा नदी तट पर स्थित है। जो हिंदुओं के प्रमुख और अहम तीर्थ स्थलों में ये एक है। यह मंदिर समुद्र तल से करीब 3,133 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। जो देश के चारधाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) के अलावा यह छोटे चारधाम (उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ) में भी से एक है।

Enews24x7 Team

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