Cyber Fraud: गर्भवती महिला और देहरादून में ONGC के रिटायर्ड अधिकारी को बनाया निशाना

पिथौरागढ़/देहरादून। साइबर ठग आए दिन नए नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला गर्भवती महिलाओं को धनराशि के नाम पर ठगी का सामने आया है। गंगोलीहाट में साइबर ठगों ने एक गर्भवती महिला से ठगी कर उसके खाते से ₹35,000 रुपये उड़ा लिए। ठगों ने बेहद शातिर तरीका अपनाते हुए खुद को देहरादून के डिजी हेल्थ विभाग का कर्मचारी बताया और आंगनबाड़ी से जुड़ी योजनाओं का झांसा देकर महिला से उसकी बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली।
वहीं देहरादून में ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी को फर्जी निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर डाली। मामले के जांच अधिकारी गंगोलीहाट कोतवाली के एसएसआई बीसी मासीवाल ने बताया कि कोतवाली गंगोलीहाट और साइबर अपराध सेल की सक्रियता से तुरंत खाते को होल्ड कर दिया गया है। महिला को आवेदन करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत धनराशि वापस दिलाने का भरोसा दिया गया है। इस मामले को लेकर को आशा कार्यकर्ताओं ने गंगोलीहाट में स्वास्थ्य केंद्र में एकत्र होकर पीड़िता को शीघ्र धनराशि वापस दिलाने और साइबर अपराधियों का पता लगातार कार्रवाई करने की मांग की।
प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र जोशी ने वरिष्ठ उप निरीक्षक बीसी मासीवाल ने कार्यकर्ताओं को इस मामले में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। एसएसआई मासीवाल ने आशाओं को साइबर ठगी से बचने की जानकारी देते हुए बताया कि अपरिचित से बात करते हुए हमेशा अपना इंटरनेट बंद रखें। मात्र इस उपाय के करने से भी आप अनजाने नुकसान का शिकार होने से बच सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी किसी भी स्थिति में सर्वप्रथम 1930 पर सूचना करें, ताकि शीघ्र साइबर सेल पीड़ितों की मदद कर सके।
वहीं दूसरी ओर देहरादून में साइबर ठगों ने ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी को फर्जी निवेश योजना का झांसा देकर एक करोड़ 87 लाख रुपए की ठगी कर डाली। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर रिटायर्ड अधिकारी को जाल में फंसाया गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा। रिटायर्ड अधिकारी की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।







