देहरादून में लेडी डॉक्टर ने की आत्महत्या, घर की थी इकलौती बेटी

देहरादून। राजधानी दून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) में एमएस कर रही लेडी डॉक्टर तनवी (26) ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। वह हरियाणा के अंबाला की रहने वाली थी और अपनी मां के साथ देहरादून में किराए के कमरे में रहती थी।
मृतका के पिता ललित मोहन के अनुसार बेटी तन्वी मंगलवार रात करीब नौ बजे श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने के लिए निकली थीं। उन्होंने बेटी से एक घंटे तक बात की। इसमें उसने मानसिक रूप से परेशान होने की बातें कहीं। कहा कि अब उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। आप अंबाला से देहरादून आ जाओ। अब एचओडी की शिकायत करेंगे। उन्होंने बेटी को अगले दिन देहरादून आने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद करीब 11.15 बजे बेटी ने अपनी मां को मैसेज कर बताया कि वह एक-डेढ़ घंटे देरी से घर आएगी। मां तन्वी के साथ देहरादून में ही रहती थी। उन्होंने इसकी सूचना तन्वी के पिता ललित को दी। उन्हें यह बात अजीब लगी ललित मोहन को उनकी बेटी ने पहली बार मैसेज कर इस तरह की जानकारी दी। ऐसे में उन्होंने फौरन बेटी को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। उन्होंने मैसेज किए फिर इसके बाद करीब सात बार कॉल किया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इससे घबराकर वे रात करीब 11.45 बजे अंबाला से देहरादून के लिए निकल गए।
वे दो बजे दून पहुंचे और अपनी पत्नी को साथ लेकर बेटी को ढूंढने निकल गए। अस्पताल से कारगी की तरफ शनि मंदिर के आगे उनकी बेटी की कार सड़क किनारे खड़ी थी। उन्होंने अंदर देखा तो बेटी मरणासन स्थिति में सीट पर पड़ी हुई थी। पहले वे चिल्लाए और पत्थर उठाकर शीशा तोड़ा और बेटी को गोद में उठाकर अपनी कार में बैठाया और अस्पताल लेकर गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। दूसरी तरफ सीट पर चार इंजेक्शन के खाली बॉयल पड़े थे और ऊपर लगी बोतल पूरी खत्म हो चुकी थी।
बेटी के जाने से बदहवास पिता ने रो-रोकर बताया कि तन्वी उनकी इकलौती बेटी थी। एक बेटा है जो अंबाला में एमबीबीएस कर रहा है। वह अपने बैच में सबसे कम उम्र की डॉक्टर थी। उसका सपना बड़ा डॉक्टर बनने का था लेकिन अब सभी सपने खत्म हो गए।







