कोरोना के बाद अब इस खतरनाक ‘बीमारी’ ने दी दस्तक, जानें लक्षण और बचाव के उपाय…

White Lung Syndrome : कोरोना के कहर से अभी देश दुनिया के लोग उबर ही रहे थे कि एक और रहस्यमयी बीमारी ने धावा बोल दिया है। यह वायरस भी चीन से आया है। इस वायरल का नाम व्हाइट लंग सिंड्रोम है। इस लेकर भारत सरकार ने कई राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया है।

चीन से निकली व्हाइट लंग्स सिंड्रोम बीमारी ने कई देशों को अपनी चपेट में ले ली है। अमेरिका, नीदरलैंड और डेनमार्क में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। इसे लेकर लोग काफी चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें फिर से मुंह पर मास्क लगाकर घुमना पड़ेगा। इस संक्रमण को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है। इसके बाद उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु की सरकारों ने स्वास्थ्य विभागों को सांस से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से मास्क लगाने की अपील की गई है।

जानें क्या है व्हाइट लंग्स सिंड्रोम…

व्हाइट लंग्स सिंड्रोम बीमारी एक तरह की मिस्टीरियस निमोनिया है। निमानिया में कफ की समस्या होती है, लेकिन इस बीमारी में लंग्स में चकत्ते पड़ जाते हैं। वाइट लंग्स सिंड्रोम की वजह से फेफड़ों में सूजन या सफेद धब्बे पड़ जाते हैं, जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है। साथ ही बुखार, खांसी, गले में खराश और स्कीन पर चकत्ते के लक्षण नजर आने लगते हैं। इस बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आते हैं। अगर कोई बच्चा व्हाइट लंग्स सिंड्रोम का शिकार हो जाता है तो उसकी छाती में सफेद पैच हो जाता है। यह बीमारी सबसे ज्यादा सर्दियों में फैलती है।

व्हाइट लंग्स के इलाज

  • बैक्टीरियल निमोनिया के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स
  • वायरल निमोनिया का इलाज एंटीवायरल दवा से किया जाता है
  • दवाएं जो फंगल निमोनिया के लिए फंगस से लड़ती हैं
  • मांसपेशियों में दर्द और बुखार के लिए ओवर-द-काउंटर दवाएं

रोकथाम…

  • निमोनिया होने की संभावना को कम करने के लिए आप कुछ सावधानियां बरत सकते हैं
  • न्यूमोकोकल और इन्फ्लूएंजा टीकाकरण
  • बार-बार अपने हाथ धोना
  • बीमार व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें
  • तुरंत धूम्रपान छोड़ें

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