दीदी का ‘खेला’ : अलापन को नहीं छोड़ने दिया बंगाल!

सियासत की शतरंज

  • मुख्य सचिव को रिटायर कर तीन साल के लिये बनाया प्रमुख सलाहकार
  • केंद्र ने वापस आने से मना करने पर जारी किया था कारण बताओ नोटिस

कोलकाता। मोदी और ममता सरकार के बीच चल रहे टकराव में आज सोमवार को नया मोड़ आ गया। बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंधोपाध्याय को केंद्र ने आज सोमवार सुबह को ही दिल्ली बुलाया था, पर वो नहीं पहुंचे। इसके बाद केंद्र ने अलापन को कारण बताओ नोटिस भेजा। केंद्र की इस कार्रवाई के चंद मिनट बाद ही ममता ने अलापन को मुख्य सचिव पद से रिटायर कर प्रमुख सलाहकार बना दिया। ममता ने बताया कि एचके द्विवेदी को नया मुख्य सचिव और बीपी गोपालिका को नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है।
इससे पहले ममता ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया था। अलापन का मुख्य सचिव के तौर पर कार्यकाल 3 महीने बढ़ाए जाने पर उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि वक्त आने पर जवाब दूंगी। इसके करीब आधे घंटे बाद ही उन्होंने अलापन को 3 साल तक मुख्य सलाहकार बनाए जाने का फैसला ले लिया। ममता ने कहा- अलापन 31 मई को रिटायर हो रहे हैं और वह दिल्ली में जॉइन करने नहीं जा रहे हैं।
अलापन हावड़ा की नाबन्ना बिल्डिंग पहुंचे। यहां उन्हें कोविड रिलीफ से जुड़ी एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होना था। आज सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद भी अलापन दिल्ली रवाना नहीं हुए। शाम होते-होते केंद्र का एक्शन भी साफ हो गया और उस पर ममता ने भी मास्टर स्ट्रोक चल दिया।
गौरतलब है कि अलापन बंधोपाध्याय चक्रवात यास के रिव्यू के लिए बीते शुक्रवार को बुलाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग में देरी से पहुंचे थे। इसके बाद शाम को ही उन्हें दिल्ली बुलाने के आदेश जारी हो गए। हालांकि रिटायर्ड सीनियर ब्यूरोक्रेट और लीगल एक्सपर्ट का मानना है कि केंद्र सरकार ने भले चीफ सेक्रेटरी को दिल्ली रिपोर्ट करने का आदेश दे दिया हो, लेकिन इसे लागू करना मुश्किल हो सकता है। उन्हें रिलीव करना राज्य सरकार के अधिकार में आता है। ऐसे में ममता उन्हें दिल्ली भेजने से इनकार कर सकती हैं। ममता ने कुछ दिन पहले ही बंधोपाध्याय का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाने की बात कही थी।
प्रधानमंत्री 28 मई को यास तूफान से बंगाल में हुए नुकसान का रिव्यू करने के लिए यहां पहुंचे थे। इस मीटिंग में भी मुख्य सचिव अलापन देर से पहुंचे थे। जबकि ममता और बंधोपाध्याय उसी इमारत में मौजूद थे, जिसमें मोदी की मीटिंग चल रही थी। उनके देर से पहुंचने के बाद ही मोदी सरकार ने उन्हें दिल्ली बुलाने का आदेश जारी कर दिया था।

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