• पिथौरागढ़ में बहा 48 मीटर का पक्का पुल

देहरादून। दो दिन तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 150 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप है। सड़कें मलबे से अटी पड़ी हैं। पिथौरागढ़ में कुलागाड़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। यहां नाले के उफनाने से 48 मीटर पक्का पुल बह गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश के कारण कई नदी.नाले उफान पर आ गए। राज्य में करीब 150 सड़कें भूस्खलन से अवरुद्ध हो गई हैं। चमोली में 23 ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हुई हैं। देहरादून में एक जिला मार्गए तीन राज्य मार्ग और 47 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।

रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश.केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुला है। जबकि तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं। पौड़ी में तीन राज्य मार्गए एक मुख्य मार्गए एक जिला मार्ग और 13 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।उत्तरकाशी में ऋषिकेश.गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुला हैए जबकि ऋषिकेश.यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग जानकीचट्टी तक यातायात के लिए खुला है। जनपद में 11 सड़कें बंद हैं। टिहरी में 16 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। बागेश्वर में दो ग्रामीण मोटर मार्गए नैनीताल में दो ग्रामीण मोटर मार्गए चंपावत में 11 ग्रामीण सड़कें और पिथौरागढ़ में तीन बार्डर रोड और दस ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हैंए जिन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है। मंगलवार शाम चार बजे तक हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 291ण्70 मीटर ;294 मीटर खतरे का निशानद्ध दर्ज किया गया। जबकि टिहरी बांध का जलस्तर 767ण्05 मीटर है। बांध के जलाशय की अधिकतम क्षमता 830 मीटर है।

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