चमोली : बर्फबारी में डंडी के सहारे बीमार महिला और 18 किमी दूर अस्पताल!

चमोली। करीब 13 साल से सड़क की राह देख रहा डुमक गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। गांव वालों की मुसीबतों का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीते शनिवार को जब एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ी तो आज रविवार को ग्रामीणों ने बारिश और बर्फबारी के बीच ही 18 किमी किसी तरह पैदल चलकर डंडी के सहारे उसे अस्पताल पहुंचाया।
मिली जानकारी के अनुसार डुमक की विनीता देवी (23) पत्नी दिनेश सनवाल की बीते शनिवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव के आसपास स्वास्थ्य सुविधा न होने और सड़क के अभाव में ग्रामीणों ने कुर्सी को लकड़ी के डंडों से बांधकर डंडी तैयार की और महिला को अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रविवार सुबह से बारिश के कारण रास्ते में कई जगह पर जोरदार बर्फबारी भी हो रही थी।
ऐसे में उन्हें कई जगहों पर रुकना भी पड़ा। करीब 18 किमी पैदल चलकर ग्रामीणों ने महिला को स्यूणा बैमरु गांव तक पहुंचाया। गांव के पैदल रास्ते पर पड़ने वाली रुद्रगंगा नदी पर भी पुल नहीं बनाया गया है, जिसे ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। बीमार महिला को नदी पार कराने में ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद वाहन के जरिए महिला को पीपलकोटी स्थित अस्पताल लेकर आए।
डा. इलंगो ने बताया कि महिला के सिर और पेट में दर्द हो रहा था। जांच के बाद पता चला कि महिला को निमोनिया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसका स्वास्थ्य सामान्य है। ग्रामीण यशवंत सिंह ने बताया कि डुमक गांव के लिए 2007 से गोपेश्वर के पास कुजौं मैकोट से सड़क स्वीकृत है। तबसे सड़क पर काम चल रहा है, लेकिन आज तक यह सड़क गांव के पास भी नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों के लिए 18 किमी पैदल चलना रोज की बात है, लेकिन किसी के बीमार होने या अन्य जरूरतों के समय परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनके गांव तक सड़क को जल्द से जल्द बनवाने के संबंधित विभागीय अधिकारी को आदेश दें। 

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