देहरादून। तांत्रिक बाबा प्रियव्रत अनिमेश उर्फ महेंद्र रोड उर्फ रोबिन खलीफा के पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा है। गौरतलब है कि बीती 9 जुलाई को तांत्रिक बाबा की किताब ‘मानस मोती’ का विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई राजनेताओं ने किया था। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री धामी से लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी तांत्रिक बाबा से आशीर्वाद ले चुके हैं।
उधर ऋषिकेश के पीड़ित सर्राफा व्यापारी का कहना है कि दिसंबर 2019 से अब तक तांत्रिक बाबा उनकी पत्नी को सम्मोहित कर नौ लाख के सोने चांदी के आभूषण हड़प चुका है। उनकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। उपचार के बहाने से बाबा से उनकी मुलाकात हुई थी। तांत्रिक बाबा ने नेचर विला में जब लोककल्याण अनुष्ठान का आयोजन किया था तब अनुष्ठान के दौरान अंडमान निकोबार के एक सांसद, सिक्किम की एक महिला आईपीएस, सर्राफा व्यापारी और उनकी पत्नी समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे।  

बीती नौ जुलाई को जब मुख्यमंत्री बीजापुर अतिथि गृह में थे, उस दौरान वहां योगी प्रियव्रत अनिमेष की एंट्री कराई गई। मुख्यमंत्री से बाबा की आध्यात्म एवं नैतिक आख्यानों पर आधारित एक पुस्तक मानस मोती का विमोचन कराया गया। इसके दो दिन बाद रविवार को बाबा के खिलाफ ऋषिकेश कोतवाली में ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ।
यह खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय भी सकते में आ गया। सूत्रों के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर उन लोगों की तलाश शुरू हो गई है जिन्होंने अनिमेष की मुख्यमंत्री तक एंट्री कराई। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मामला गंभीर है और इस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल करा रहे हैं। ठगी के आरोप में फंसे तांत्रिक अनिमेष की बीजापुर स्थित अतिथि गृह में किसने एंट्री कराई और कौन लोग हैं जिन्होंने एक विवादित बाबा की पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री से करा दिया। इन सभी पहलुओं की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय यह जांच कर रहा है। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) आनंद बर्द्धन ने मामले की जांच कराए जाने की पुष्टि की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here