खतरे की घंटी : पिंडर घाटी में बढ़ा भालुओं का कुनबा!

  • पूर्व पिंडर रेंज देवाल के अंतर्गत मल्ला क्षेत्र में भालुओं को आबादी क्षेत्र से दूर जंगलों में खदेड़ने में जुटा वन विभाग

थराली से हरेंद्र बिष्ट।

पूर्व पिंडर रेंज देवाल के अंतर्गत भालुओं के आतंक से निजात दिलाने के लिये मल्ला क्षेत्र में भालुओं को आबादी क्षेत्र से दूर जंगलों में खदेड़ने के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कर एक अभियान शुरू कर दिया हैं।
इस बाबत मध्य पिंडर रेंज देवाल के वन क्षेत्राधिकारी त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया की भालुओं को आबादी क्षेत्रों से दूर जंगलों में खदेड़ने के लिए मल्ला एवं आसपास के गांवों में ग्रामीणों के सहयोग से वन कर्मी जंगलों में लगातार कांबिंग करने में जुटे हुए हैं। ताकि भालुओं को अधिक से अधिक दूर जंगलों में खदेड़ा जा सके। उन्होंने जंगलों से घिरे गांवों के ग्रामीणों से अकेले जंगलों में न जाने की अपील की है। हालांकि बिष्ट ने माना हैं कि कुछ गांवों के आसपास के जंगलों में भालुओं की संख्या में तेजी के साथ बढ़ोतरी होने की सूचना मिल रही हैं। जिससे इंसानों को खतरा बढ़ने लगा है। 

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से देवाल ब्लाक के  मल्ला गांव एवं इसके आसपास के क्षेत्र मल्ला, गालुडी, बानुड़ी, देवस्थली, कनखुरा आदि गांवों में भालुओं के लगातार आबादी क्षेत्र में दस्तक देने की सूचनाएं मिल रही थी। इस से इस क्षेत्र में भालुओं को लेकर भारी दहशत बनी हुई थी। बीते 27 अगस्त की तड़के करीब 7.30 बजे अपने खेतों में खेती के काम से गई मल्ला गांव की 56 वर्षीया महिला रेवती देवी पर भालू ने जानलेवा हमला कर उन्हें बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। इसके बाद से भालुओं को लेकर आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी भालुओं को लेकर दहशत फैल गई है। जिसे देखते हुए अब वन विभाग भी भालुओं को लेकर हरकत में आ गया हैं। 

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