उत्तराखंड : कई अफसरों ने रद्दी की टोकरी में डाला ट्रांसफर आदेश तो अब…!

देहरादून। प्रदेश में सचिवालय, पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालयों में तैनात कई अफसर तबादला आदेश को ठेंगा दिखाते हुए अपनी कुर्सियों पर जमे बैठे हैं। हालांकि तबादला आदेश में तुरंत प्रभाव से नई जिम्मेदारी और दायित्व संभालने को कहा गया था। इस आदेश के 10 दिन बीत जाने के बावजूद उन्होंने अपनी पुरानी कुर्सी नहीं छोड़ी हैं। ऐसे अफसरों की इस ‘गुस्ताखी’ से नाराज मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू को उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि शासन ने चार सितंबर को 20 आईपीएस, 64 आईएएस और पीसीएस अफसरों का तबादला कर दिया था। सचिवालय और पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों में तैनात अफसरों की कुर्सियां हिलाने के बाद अफसरशाही में खासी खलबली मची, लेकिन सरकार के सख्त रुख बावजूद कई अफसरों ने अभी तक अपनी कुर्सियां नहीं छोड़ी।
मजे की बात यह है कि कई अफसर तो नई तैनाती पर गए नहीं और कुछ ने चिकित्सा अवकाश ले लिया। कुछ तेजतर्रार अफसर अपनी कुर्सियां बचाने के लिए सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों और नेताओं की परिक्रमा में जुट गए। ट्रांसफर आदेश बदलवाने के लिए उनकी इस जोड़ तोड़ की कोशिशों को शासन ने बहुत गंभीरता से लिया है। 
ट्रांसफर आदेश न मानने वाले अधिकारियों के रवैये से नाराज मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने सचिव कार्मिक को निर्देश जारी किए हैं। चार सितंबर को तबादला आदेश का जिन अफसरों ने अभी तक अनुपालन नहीं किया है, उनके खिलाफ अनुशासनहीनता एवं आचरण नियमावली के उल्लंघन करने के लिए तत्काल विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है। 
मुख्य सचिव ने उन सभी अधिकारियों के चिकित्सा प्रमाणपत्रों का परीक्षण और सत्यापन चिकित्सा बोर्ड से कराने के निर्देश दिए जो तबादला आदेश के बाद चिकित्सा अवकाश पर चले गए हैं। मुख्य सचिव ने सचिव कार्मिक से कहा कि यदि किसी चिकित्सक ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया हो तो उस चिकित्सक के खिलाफ भी चिकित्सा विभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए लिखा जाए। 

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