देहरादून। हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान लगभग एक लाख नकली कोविड परीक्षण करने का आरोप लगने के बाद उत्तराखंड में सियासत गरमाई हुई है। कुंभ में मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के फर्जीवाड़े के खुलासे के साथ ही अब हैरान करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के डेटाबेस के अनुसार शरत पंत मैक्स के संस्थापक-निदेशक हैं। शरत पंत के अल्मोड़ा का निवासी होने का दावा किया जा रहा है।

अल्मोड़ा जिले की चर्चित द्वाराहाट विधानसभा सीट पर वह सक्रिय भी है। रिपोर्ट के अनुसार शरत पंत के परिवार के भी भाजपा से संबंध हैं। उसके चाचा भूपेश जोशी दिवंगत केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार के करीबी सहयोगी थे। मैक्स कॉरपोरेट वर्तमान में 3 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं के घेरे में है। ये बात भी सामने आ चुकी है कि मैक्स ने अपने दो साझेदार लैब के माध्यम से लगभग 98,000 फर्जी टेस्ट किए थे।

सूत्रों के अनुसार जांच में पाया गया कि मैक्स ने आधिकारिक तौर पर जमीन पर काम करना शुरू करने से पहले ही परीक्षण करने के लिए बिल जमा कर दिए थे, लेकिन उत्तराखंड के जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए इस ओर से आंखें बंद ही रखीं और फर्म को अपना काम जारी रखने की अनुमति दी गई।

इस मैक्स कॉरपोरेट कंपनी के मालिक शरत पंत के फेसबुक से उसके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और स्मृति ईरानी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। जिससे शरद पंत की पहुंच का पता चलता है।

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