उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा- जारी हो चुकी है अधिसूचना, इसलिए टाल नहीं सकते चुनाव

नैनीताल। आज गुरुवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में विधानसभा चुनाव व रैलियों को स्थगित किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है, इसलिए चुनाव टालने के लिए नहीं कह सकते। चुनाव आयोग विवेक से ही कार्य करेगा। राजनीतिक दलों को दिशा निर्देश भी चुनाव आयोग ही देगा।
हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तैयारी पर संतुष्टि जताई। सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि आठ जनवरी को गाइडलाइन जारी की गई है। हाईकोर्ट इस मामले में अब 15 जनवरी को सुनवाई करेगा। इससे पहले कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या चुनाव रैलियां वर्चुअल और वोटिंग ऑनलाइन हो सकती हैं। उस सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि चुनाव नजदीक है। पिछले सप्ताह ही चुनाव कराने को लेकर आयोग ने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उधर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि प्रदेश में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार कोविड के मामलों को रोजाना पोर्टल पर अपलोड नहीं कर रही है और न ही कोविड की एसओपी का पालन करवाया जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कोविड पॉजिटिव होने के बाद भी यहां रैली की, इसलिए इन रैलियों पर रोक लगाई जानी चाहिये। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार कोविड से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रोजाना सामने आ रहे कोविड मामलों को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। अधिवक्ता शिव भट्ट ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है।
सड़क के लिए भूमि कटने के मामले में विभाग को दें प्रत्यावेदन : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने कर्णप्रयाग के समीपवर्ती गांव झंगुर में लोनिवि की ओर से बनाई जा रही सड़क से ग्रामीणों की भूमि कटने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद उसका निपटारा करते हुए इस संबंध में जिला प्रशासन और  लोक निर्माण विभाग को प्रत्यावेदन देने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कर्णप्रयाग के समीपवर्ती गांव झंगुर निवासी गजेंद्र सिंह रावत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि झंगुर में पहले से ही सड़क मौजूद है। इस बीच लोनिवि की ओर से दूसरे गांव के लिए सड़क बनाई जा रही है और उस सड़क को भी इसी गांव से ले जाया जा रहा है जिससे ग्रामीणों की भूमि कटाई में जा रही है।
याचिका में कहा गया कि इस सड़क की लंबाई झंगुर गांव से तीन किमी है जबकि जिस गांव में यह सड़क जा रही है उस गांव से 500 मीटर दूरी पर पहले से ही सड़क है। इसलिए इस गांव को नजदीक वाली सड़क से जोड़ा जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को इस मामले में संबंधित विभाग को प्रत्यावेदन देने के निर्देश दिए।

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