देश की सीमाओं की सुरक्षा में सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों की भी बड़ी भूमिका : रजनी

गोपेश्वर से महिपाल गुसाईं।

देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानों के साथ ही सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों की भी बड़ी भूमिका है। इसलिये उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल कराने का प्रयास किया जाएगा। यह बात चमोली जिला पंचायत के अध्यक्ष रजनी भंडारी ने आज गुरुवार को अपने 6 दिवसीय सीमांत ब्लाक जोशीमठ के सीमा से लगे नीती-मलारी क्षेत्र के गांवों के भ्रमण के दौरान कही।
रजनी ने अपने भ्रमण कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं से रूबरू होते हुए अति शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के निराकरण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कोरोना महामारी से बचाव के लिए ग्रामीणों को सजग करने के साथ ही,  महिला मंगल दलों को मास्क, थर्मामीटर, थर्मल स्क्रेनर मशीन और कीटनाशक दवाओं का वितरण करते हुए इनका नियमित छिड़काव की अपील की।

उन्होंने सीमा से सटे गांव नीती, गमसाली, मलारी, गमशाली, फरकिया, मेहर गांव, कैलाशपुर आदि गांवों में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सीमा से सटे इन गांवों में कई समस्याएं हैं, किंतु सीमा क्षेत्र के लोगों को गर्व भी होना चाहिए कि उनकी गिनती हमेशा ही सैनिकों की तरह ही होती हैं। इतिहास गवाह हैं कि बिना स्थानीय लोगों की मदद के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता है। क्षेत्रीय जनता की दूरसंचार की सुविधाओं की मांग पर उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उनके भ्रमण के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रावत, शंकर सिंह राणा, नगर पालिका जोशीमठ के अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, जोशीमठ के क्षेत्र प्रमुख हरीश परमार, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष हरीश भण्डारी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री बिक्रम सिंह भुजवांण, नगर अध्यक्ष रोहित परमार, बीरेंद्र सिंह राणा, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष देवेश्वरी शाह, वरिष्ठ नेता मीना डिमरी आदि मौजूद थे।

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