धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला : यूकेएसएसएससी की 770 पदों के लिए पांच भर्ती परीक्षाएं की रद्द

देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है। सबसे बड़ा निर्णय लेते हुए धामी सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC Exams) के तहत 770 पदों के लिए पांच भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इनमें वाहन चालक, कर्मशाला अनुदेशक, मत्स्य निरीक्षक, मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार और पुलिस रैंकर्स की परीक्षाएं शामिल हैं। इस सभी परीक्षाओं के अभी रिजल्ट नहीं आए हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सात हजार पदों के लिए प्रस्तावित सभी परीक्षाएं भी राज्य लोक सेवा आयोग कराएगा। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में दूसरा बड़ा फैसला ये रहा कि, आवास विकास के मद में 500 मीटर वर्ग तक के भवन बनाने के लिए केंद्र या फिर राज्य सरकार के बिल्डिंग बाइलॉज का पालन करना होगा। इस अलावा GST के तहत बिजली बिलों के भुगतान के लिए ‘बिल लाओ और इनाम पाओ’ स्कीम लाई गई है। साथ ही प्रधानाचार्य के पदों को 50 फीसदी प्रमोशन और 50 फीसदी प्रवक्ताओं की परीक्षा करवाकर भरा जाएगा। वहीं, कैबिनेट मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि आईआईटी रुड़की के तहत आने वाले शिक्षण संस्थान का नाम शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान रखा जाएगा। इसके साथ ही श्रीनगर सुमाड़ी में मौजूद स्कूलों का एकीकरण करके 5 राजीव गांधी नवोदय विद्यालय को सोसाइटी मोड में चलाया जाएगा। साथ ही बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत प्रभावितों के विस्थापन और मुआवजा देने के नियम को भी कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है।

कैबिनेट अन्‍य प्रमुख निर्णय-

●आवास विकास विभाग के तहत बिल्डिंग बायलाज में 500 वर्गमीटर तक एकल आवासीय भवन निर्माण को केंद्र सरकार या राज्य सरकार के नियमों में से किसी एक का करना होगा पालन

● वित्त विभाग के जीएसटी को लेकर फैसला लिया गया है इसके तहत बिल लाओ इनाम पाओ स्कीम शुरू होगी।

●शहरी विकास विभाग के तहत एकाउंटिंग के तहत।

●खाद्य विभाग में सहायक नियंत्रक सेवा नियमवाली में बदलाव होगा।

●राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य के खाली 50 प्रतिशत पदों को परीक्षा के माध्यम से भरा जाएगा।

● पांच राजीव गांधी नवोदय विद्यालय का सोसायटी मोड में संचालन होगा।

● केदारनाथ धाम में शेष कुछ निर्माण कार्यों को पूर्व की एजेंसी कराने का निर्णय लिया है।

● सैनिक स्कूल पर्वतीय क्षेत्रों में खोला जाएगा. भूमि व भवन की उपलब्धता पर विचार होगा।

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