लहू बोलता है

  • हल्द्वानी जेल में कैदी की पिटाई से मौत और पुलिस के रवैये को अदालत ने बताया बेहद गंभीर किस्म का मामला
  • कहा, मामले में नामजद जेल के सुरक्षा गार्डों का जिले से बाहर तबादला हो, तीन दिन में सीबीआई को सौंपे जायें सभी दस्तावेज

नैनीताल। हल्द्वानी जेल में एक कैदी की पिटाई से हुई मौत के मामले को बेहद गंभीर किस्म का बताते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने इसकी सीबीआई को सौंप दी है। साथ ही सरकार से कहा है कि नैनीताल के एसएसपी को तत्काल जिले से हटाया जाए और मामले में नामजद जेल के सुरक्षा गार्डों को जिले से बाहर तबादला किया जाए।
गौरतलब है कि विगत छह मार्च को हल्द्वानी जेल में काशीपुर के कुंडेश्वरी निवासी प्रवेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बंदी रक्षकों पर प्रवेश की पिटाई का आरोप था। मामला तूल पकड़ने पर इसी मजिस्ट्रियल जांच का आदेश हुआ था। मृतक के परिजनों की तहरीर पर भी पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया था। बाद में अदालत के आदेश पर हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद मृतक की पत्नी ने इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इस पर न्यायमूर्ति रवींद्र मैथाणी की एकलपीठ ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज नहीं किया। फिर जांच को भटकाने के लिए चश्मदीद गवाह के बयान न लेकर अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। न्यायमूर्ति मैथाणी ने पाया कि यह बेहद गंभीर किस्म का मामला है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। इस मामले में पुलिस तीन दिन में एफआईआर समेत अऩ्य कागजात सीबीआई के हवाले करे। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि नैनीताल के एसएसपी को तत्काल इस जिले से हटाया जाए। साथ ही नामजद बंदी रक्षकों को भी किसी अन्य जिले में स्थानांतरित किया जाए। हाईकोर्ट के आदेश से पुलिस प्रशासन और जेल प्रशासन में हड़कंप मचा है।

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