पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (फाइल फोटो)

ऋषिकेश। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऋषिकेश में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ी बात कह दी।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि समुदाय विशेष कोरोना वैक्सीन लगवाने से बच रहा है। वैक्सीन को लेकर उनमें अब भी संशय है। ऐसे में सामाजिक संगठनों और मीडिया को आगे आना चाहिए। लोगों को अपने दिमाग से वहम को दूर कर वैक्सीनेशन के लिए कदम आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में भी वैक्सीन को लेकर इसी तरह कई भ्रांतियां थीं। कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी भी वैक्सीनेशन से कतरा रहे थे, लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो गया। रावत ने कहा कि वह कोरोना संक्रमण के खतरे और उसकी रफ्तार को भांप गए थे। इसलिए उन्होंने पहली लहर के दौरान 25 हजार कोविड बेड तैयार करवा लिए थे। हालांकि तब लोगों ने मेरा उपहास उड़ाया था, लेकिन दूसरी लहर में पहले से इंतजाम होने के चलते संक्रमण से मुकाबला हो पाया है।
जब पत्रकारों ने पूर्व सीएम रावत से उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे पास कयासों को रोकने के लिए कोई रिमोट नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन जिलों में 90 फीसद तक वैक्सीनेशन हो गया है। अब सरकार को विशेषज्ञों की राय लेकर चारधाम यात्रा चरणबद्ध ढंग से खोलनी चाहिए। वैक्सीन की दोनों डोज लगाने वाले लोगों को चारधाम यात्रा की अनुमति देने का सुझाव उन्होंने सरकार को दिया था।
उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगाने के बाद व्यक्ति में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी बन जाती है। ऐसे में उसके कोरोना कैरियर बनाने की संभावना भी नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि देश को कोरोना से मुक्त करने के लिए 80 फीसद लोगों का वैक्सीनेशन होना जरूरी है। दिसबंर के अंत तक वैक्सीनेशन अभियान पूरा होने की उम्मीद है।  

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