सीएम को कांग्रेस ने भेजा सुझाव पत्र, तत्काल कार्यवाही करने की मांग की

  • कोविड19 हॉस्पिटल बढ़ाये जाएं
  • वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बढ़ाये जाएं
  • क्वेरेन्टीन सेंटर न बनाये जाएं स्कूल
  • क्वेरेन्टीन सेंटरों की स्थितियां सुधारी जाएं
  • माध्यमिक स्तर तक के स्कूल 30 जून तक न खोले जाएं
  • ग्राम प्रधानों को तत्काल एक एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाय
  • बाजार खुलने की अवधि प्रातः सात से सांय4 बजे तक ही यथावत रक्खी जाय

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आज राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिख कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सरकार को एक बार फिर कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए कुछ सुझाव प्रेषित किये। धस्माना ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते कांग्रेस सरकार को कोरोना से मुकाबला करने के लिए अपना सहयोग देती रहेगी व सुझाव भी समय समय पर प्रेषित करती रहेगी। आज कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री को पहले दिन ही कांग्रेस का पूरा समर्थन और सहयोग देने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा कि समय समय पर कांग्रेस अपने सुझाव सरकार को देती रही किन्तु राज्य के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व के सहयोग के प्रस्ताव पर उत्साह नहीं दिखाया बल्कि उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल से मिलने से ही इनकार कर दिया। धस्माना ने कहा कि अब राज्य में स्थितियों पर सरकार का नियंत्रण खत्म होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है व मौत का आंकड़ा भी चिंताएं पैदा कर रहा है। धस्माना ने कहा कि अब भी सरकार को जग जाना चाहिए व कोविड19 समर्पित हॉस्पिटलों की संख्या तुरंत बड़ा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी पैड़ी के एक क्वेरेन्टीन सेंटर से मौत की खबर आ रही है। उन्होंने क्वेरेन्टीन सेंटरों की व्यवस्थाएं सुधारने के साथ साथ स्कूलों में क्वेरेन्टीन न खोलने की सलाह दी क्योंकि वहां शौच प्रबंधन सीमित होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि क्वेरेन्टीन सेंटरों के लिए धर्मशालाएं व होटलों में इंतज़ाम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अभी कम से कम 30 जून तक माध्यमिक स्तर तक के स्कूल नहीं खोलने चाहिये। उन्होंने कहा कि बाजार खुलने की व्यवस्था पूर्व की तरह प्रातः सात बजे से चार बजे तक ही रखनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रो में प्रवासियों के संस्थागत क्वेरेन्टीन करने के लिए ग्रामप्रधान को कम से कम एक लाख रुपया सरकार तत्काल उपलब्ध करवाए।

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