बारिश से उत्तराखंड बेहाल : बादल फटने से 25 की मौत, 100 लोग फंसे

नैनीताल। सोमवार रात जिले के रामगढ़ गांव में बादल फटने की घटना सामने आई है। राज्य आपात संचालन केंद्र के मुताबिक नैनीताल जिले में बीती रात हुई बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 25 लोगों की मौत हो चुकी है। बादल फटने से कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। बचाव कार्य जारी है और कई घायलों को मलबे से निकाल लिया गया है।आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव का कहना है कि नैनीताल और उधम सिंह नगर में चल रहे बचाव कार्यों को तेज करने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को तैनात किया जाएगा। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक़ रामनगर-रानीखेत मार्ग स्थित लेमन ट्री रिजॉर्ट में करीब 100 लोग फंस गए। वे सभी सुरक्षित हैं और उन्हें बचाने की प्रक्रिया जारी है। नदी के ओवरफ्लो होने से कोसी नदी का पानी रिजॉर्ट में घुसा, रिजॉर्ट का रास्ता बंद हो गया है।
एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने बताया कि नैनीताल जिले के रामगढ़ गांव में जहां बादल फटा था वहां से कुछ घायलों को बचा लिया गया है, अभी कितने लोग मलबे में दबे हैं, इसकी कोई वास्तविक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। वहीं नैनी झील ओवरफ्लो होने के चलते नैनीताल की सड़कों पर पानी भर गया है. इमारतों और घरों में भी जलभराव देखा जा रहा है। क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है

आज मंगलवार सुबह नैनीताल जिले के रामगढ़ में धारी तहसील में दोषापानी और तिशापानी में बादल फट गया। इस दौरान मजदूरों की झोपड़ी पर रिटेनिंग दीवार गिर गई। जिसमें सात लोग मलबे में दब गए। जिसमें से हयात सिंह और उनकी माता के शव बरामद हुए। हयात सिंह की पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा अब भी मलबे में दबे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। उधर खैरना में झोपड़ी में पत्थर गिरने से दो लोगों की मौत की खबर है। चंपावत के तेलवाड़ में एक भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अभी कुछ लोग मलबे में फंसे हैं।
बाजपुर के गांव झाड़खंडी में गडरी नदी में बहे किसान रामदत्त भट्ट (45) का शव मिल गया है। टनकपुर में भारी बारिश के बाद आए सैलाब में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना की मदद ली गई। इस दौरान रेस्क्यू दल ने करीब 65 लोगों को बचाया।

कोसी नदी में पानी बढ़ने से रामनगर के गर्जिया मंदिर को खतरा पैदा हो गया। पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। वहीं बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। कोसी बैराज पर कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है।
हल्द्वानी में गोला नदी उफान पर आने से नदी पर बना अप्रोच पुल टूट गया। जिसके कारण वहां आवाजाही बंद हो गई है। टनकपुर में शारदा नदी के उफान से क्रशर मार्ग ने नाले का रूप ले लिया है। मंगलवार की सुबह गोला नदी का जलस्तर 90 हजार क्यूसेक पार हो गया। जिससे अप्रोच पुल टूट गया। केदारनाथ में बारिश के साथ ऊपरी पहाड़ियों पर बर्फबारी हो रही है। वहीं, यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी की पहाडियां कोहरे से ढकी हुई हैं।

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