देहरादून। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो रेंज में अवैध निर्माण और पेड़ों के कटान मामले में सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेटिंगेशन) ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज करने के साथ ही सीबीआई ने हरिद्वार में पूर्व डीएफओ किशनचंद और देहरादून में पूर्व रेंजर बृज बिहारी शर्मा के घर छापेमारी की है।

इस दौरान वहां से बहुत से दस्तावेज सीबीआई ने कब्जे में लिए हैं। सीबीआई इस प्रकरण में और लोगों को भी नामजद कर सकती है। पिछले दिनों पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत का नाम भी इस प्रकरण में सामने आया था। विश्व प्रसिद्ध जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज के 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी का निर्माण होना था। लेकिन 2019 में इसका निर्माण कार्य बिना अनुमति के ही शुरू कर दिया गया। इस मामले में अधिकारियों ने ठेकेदारों की मिलीभगत से 215 करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए थे।

इस मामले में पिछले साल विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया गया था। विजिलेंस ने इस मामले में जांच के बाद बृजबिहारी शर्मा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पूर्व डीएफओ किशनचंद को भी गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि विजिलेंस ने 30 अगस्त को पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के परिवार से संबंधित देहरादून स्थित एक शिक्षण संस्थान और रायवाला के एक पेट्रोल पंप पर भी छापा मारा था। यहां से सरकारी जनरेटर बरामद किए गए थे। हरक सिंह का नाम आने से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इसी बीच हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिए।

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