चमोली/देहरादून। चमोली हादसे के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। नमामि गंगे के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर हुई भीषण दुर्घटना में विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही करने वाले तीन अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों की लापरवाही पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही एसटीपी प्लांट का संचालन व रखरखाव का काम देख रही ज्वाइंट वेंचर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

जानकारी के अनुसार शासन ने मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रख-रखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियन्ता को निलम्बित कर गिरफ्तार किया गया है, साथ ही इस प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लि. द्वारा कुंदन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियंता विद्युत वितरणखण्ड गोपेश्वर को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर गिरफ्तार किया गया है।

बता ​दें कि चमोली बाजार के पास अलकनंदा नदी के किनारे नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर अचानक करंट फैल गया था। इस दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई लोग बुरी तरह झुलस गए। मृतकों में पीपलकोटी चौकी प्रभारी प्रदीप रावत और होमगार्ड मुकंदीलाल भी शामिल थे। छह लोगों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। वहीं, पांच लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं।

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