देहरादून। प्रदेश के सुदूर इलाकों में ग्रामीणों को डाकघर के माध्यम से बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब विश्व डाक दिवस पर ग्रामीण डाक घरों में भी ऑनलाइन सुविधा मिलेगी। निदेशक डाक एवं सेवाएं अनुसूया प्रसाद चमोला ने कहा कि विश्व डाक सप्ताह में वित्तीय सशक्तिकरण के अंतर्गत डाक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्राहकों को विभाग की लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

अनुसूया प्रसाद ने कहा कि डाक विभाग की इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि ग्रामीण स्तर के 2341 डाक घरों को फोर और फाइव जी ट्रांजेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को डाक संग्रह टिकट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं 12 को पार्सल दिवस एवं 13 को अत्योदय दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

अनुसूया प्रसाद चमोला ने कहा कि विभाग की ओर से इस वर्ष महिला सम्मान बचत पत्र योजना, दर्पण एप नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पार्सल की सुविधा के लिए कियोस्क मशीन का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग को पार्सल से 50 लाख की धनराशि अर्जित हुई है। पांच हजार आर्टिकल बुक किए गए। रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश आश्रम से सबसे ज्यादा धनराशि अर्जित हुई है। इसके अलावा सभी डाकघरों में आधार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पांच किलो मीटर के दायरे में एक डाकघर खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 109 आवेदन मिले हैं। भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार ही डाकघर खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग की आय बढ़ाने के लिए ऑनलाइन कंपनियों से अनुबंध किया गया है।

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