शटलर मनोज का टोक्यो ओलंपिक के लिए टिकट पक्का

  • 50 रुपये में मजदूरी कर मुफलिसी में जिया जीवन
  • 33 देशों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खेलकर 47 मेडल कर चुके हैं अर्जित

रुद्रपुर। मेहनत और लगन हर मुश्किलें आसान कर दी देती है। रुद्रपुर गरीब परिवार में जन्मे मनोज सरकार टोक्यो ओलंपिक में टिकट पक्का किया है। आर्थिक तंगी के चलते मनोज को बचपन में साइकिल में पंचर जोड़ने, खेतों में दिहाड़ी पर मटर तोड़ने और घरों में पीओपी के काम करने पड़े थे। मनोज ने बताया कि बचपन में उन्होंने बहुत संघर्ष किया है। बचपन में दवा के ओवरडोज से उनके एक पैर ने काम करना बंद कर दिया था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह अच्छे डॉक्टर से पांव का इलाज नहीं करा पाए थे। उनकी मां जमुना सरकार ने मजदूरी से जुटाए रुपयों से उनको बैडमिंटन खरीदकर दिया था। बचपन से ही उन्हें बैडमिंटन खेलने का शौक था। मनोज ने बताया कि बैलगाड़ी से मिट्टी ढुलान करके 50 रुपये मंे भी मजदूरी की है। अभी तक वह 33 देशों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खेल चुके हैं। जबकि 47 मेडल अर्जित किए हैं। बताया कि वह ओलपिंक में अपने देश के लिए गोल्ड जीतने का पूरा प्रयास करेंगे।

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