देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नौकरशाहों को ताश के पत्तों की तरह फेंट कर अपने इरादे साफ कर दिये हैं। सत्ता की बागडोर हाथों में आते ही मुख्यमंत्री धामी ने तुरंत मुख्य सचिव को बदल कर नौकरशाही में हलचल पैदा कर दी थी। हालांकि कद्दावर माने जाने वाले कई नौकरशाह इस खुशफहमी में थे कि उनकी कुर्सियां कोई भी हिला नहीं पाएगा।
सत्ता की कमान संभालने के दिन से ही नौकरशाही मुख्यमंत्री धामी के निशाने पर है। आते ही सबसे पहले उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की शीर्ष ओहदे मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठे ओम प्रकाश को हिलाया और उनकी जगह डॉ. सुखबीर सिंह संधू की ताजपोशी की। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय की टीम में अनुभवी नौकरशाह एसीएस आनंद बर्द्धन को शामिल किया और कद्दावर नौकरशाह एसीएस राधा रतूड़ी की विदाई कर दी। उनसे पहले राधिका झा भी मुख्यमंत्री के कार्यालय से विदा हुईं।
सूत्रों के अनुसार शासन स्तर पर फेरबदल करने के बाद अब बारी जिलाधिकारियों और पुलिस के कप्तानों को बदलने की है। अभी प्रदेश सरकार ने केवल देहरादून के जिलाधिकारी को बदला है, हरिद्वार, चमोली, ऊधमसिंह नगर समेत कई अन्य जिलों के डीएम बदलने के संकेत दिए जा रहे हैं। हालांकि शासन स्तर पर ही एक और बदलाव की संभावना जताई जा रही है। जिसमें कुछ और सचिवों के प्रभारों में फेरबदल किया जाएगा। सत्ता की कमान हाथों में आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी प्रशासनिक फेरबदल करने के संकेत दिए थे। लेकिन सचिवालय में ही वह सिर्फ एक तबादला कर सके। तब सियासी हलकों में यह चर्चा रही तीरथ भी नौकरशाही के मोहपाश में फंस चुके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here