जब रिजल्ट बन गया तब जागा विवि प्रशासन

  • विवि ने रोका परीक्षा परिणाम, जांच के दायरे में कुलपति और काॅलेज प्रबंधन
  • उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत बोले-बच्चों का नहीं होने देंगे अहित, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त विवि श्रीदेव सुमन की मिलीभगत से 700 विद्यार्थी फर्जी ढंग से सालाना परीक्षा में बैठाए गए। मामले का खुलासा होने पर हड़कंप मच गया है। कालेजों में तय संख्या से अधिक विद्यार्थी पाए जाने पर विवि ने रिजल्ट रोक दिया है। इस मामले काॅलेज प्रबंधन और विवि के कुलपति भी जांच के दायरे मंे आए गए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस मामले में पीड़ित छात्रों के साथ तो न्याय किया जाएगा। धाधली में शामिल जो अधिकारी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार पिछले साल अगस्त-सितंबर में परीक्षा हुई थी। जिसमें 14 काॅलेजों के बच्चे शामिल थे। लेकिन जितनी सीटें कालेजों को दी गई थी, उससे अधिक विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाया गया। एन वक्त पर जब रिजल्ट तैयार हो गया है। तब विवि ने रिजल्ट रोक दिया है। सूत्रों के मुताबिक खुद कुलपति भी उड़न दस्ता टीम के साथ काॅलेजों का निरीक्षण करने गए। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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