हल्द्वानी हिंसा में बड़ी कार्रवाई, 71 उपद्रवियों पर लगा यूएपीए, जानें पूरा मामला

हल्द्वानी। बहुचर्चित हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने जांच के बाद जेल में बंद 71 अन्य आरोपियों पर भी यूएपीए यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम लगा दी है। जिससे आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बता दें कि बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक समेत 36 आरोपियों पर पहले ही यूएपीए यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम लगाई थी, लेकिन अब पुलिस ने जांच के बाद जेल में बंद 71 अन्य आरोपियों पर भी यूएपीए लगा दी है। बताया जा रहा कि ये सभी लोग मुखानी थाने और नगर निगम की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के आरोपी हैं। हिंसा मामले में पुलिस ने अलग-अलग तीन मुकदमे दर्ज किए थे। अब तक मामले में अब्दुल मलिक, उसके बेटे मोईद मलिक और सात महिलाओं समेत 107 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।

एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है। यूएपीए एक्ट कुछ अन्य आरोपियों पर लगाया गया है। उन्होंने ये भी बताया कि मामले में हर पहलू पर गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ की जरूरत पड़ेगी तो पुलिस कोर्ट से कस्टडी भी मांगेगी।

ये था मामला:- हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में मलिक के बगीचे में सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से बनाए गए नमाज स्थल और मदरसा हटाने के दौरान 8 फरवरी को हिंसा हुई थी। जहां हिंसा के दौरान आगजनी और पथराव में पुलिस के जवान के साथ-साथ काफी संख्या में अधिकारी और पत्रकार घायल हुए थे। इसके अलावा आगजनी और पथराव में सरकारी एवं निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया था।

पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान हल्द्वानी नगर निगम को हुआ था। जहां उपद्रवियों ने नगर निगम और पुलिस के कई गाड़ियों को आग से फूंक दिया था। जिसके बाद उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए काफी संख्या में उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था, जो अभी भी जेल में बंद है। ऐसे में पुलिस ने अपनी जांच के बाद 71 अन्य आरोपी उपद्रवियों पर यूएपीए एक्ट लगा दिया था। इन 71 आरोपियों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं।

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