दशोली की नंदा व बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की उत्सव डोलियां लोकजात यात्रा के लिए रवाना

गोपेश्वर से महिपाल गुसाईं।

नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ से दशोली की नंदा एवं बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की उत्सव डोलियां आज शुक्रवार को लोकजात यात्रा के लिए रवाना हो गई हैं। डोलियों के यात्रा पर रवाना होने से पहले मंदिर प्रांगण में पुजारियों ने नंदा देवी की पूजा अर्चना की। मंदिर में दर्शनों के लिए आये नंदा भक्तों ने पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।      
आज शुक्रवार को दशमी के पावन पर्व पर नंदा की दोनों ही उत्सव डोलियों को सिद्धपीठ के गर्भगृह से मंत्रोच्चारण एवं श्रद्धालुओं के जयकारे के बीच बाहर  निकाला गया। जहां पर पहले देवी के पुजारियों ने देवी की स्तुति कर भोग लगाया। उसके बाद वहां खड़े श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन करने के साथ ही पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी। तत्पश्चात दशोली की डोली अपने पहले पड़ाव फरखेत एवं बधाण की डोली चरबंग के लिए रवाना हुई। इस दौरान देवी भक्तों ने दोनों ही देवडोलियों को अश्रुपूरित विदाई दी।

इससे पूर्व गुरुवार की पूरी रात कुरूड सहित आसपास के गांवों के देवी भक्तों ने जागरण कर नंदा भगवती की स्तृति करते हुए भजन कीर्तन किया। देर सांय दोनों ही डोलियां अपने पहले पड़वों पर पहुंच गई हैं। जहां पर देवी भक्तों ने यात्रा का स्वागत कर देवी की पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगीं।

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