थराली : मांगों को लेकर चिकित्सकों ने काली पट्टी बांध अपना जताया विरोध

थराली से हरेंद्र बिष्ट।
प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर संघ से जुड़े चिकित्सकों ने चिकित्सालय में काली पट्टी बांध अपना विरोध जताया। उधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली इकाई ने कोरोना संकट के इस काल में भी जिला प्रशासन पर चिकित्सकों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए अपने संघ के अध्यक्ष व महासचिव को एक पत्र भेज कर उत्पीड़न ना रुकने पर सामूहिक त्यागपत्र देने की चेतावनी दी है।
चिकित्सकों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय संगठन के आह्वान पर यहां के चिकित्सकों ने भी काली पट्टी बांध कर अपना विरोध दर्ज किया। इसी दौरान सीएससी थराली में आयोजित एक बैठक में चिकित्सकों ने जिला प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल भी उठाए। कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में जबकि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक से लेकर अन्य चिकित्सकीय स्टाफ पूरी मेहनत, ईमानदारी एवं जान जोखिम में डालकर कर चौबीसों घंटे सेवा में लगा हुआ है। उसके बाद भी जिले के कई चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्सकीय स्टाफ का माह अगस्त का वेतन रोके जाने के आदेश दिए जाना सरासर ग़लत है। डॉ. संजय गुप्ता लगातार कोरोना के सैंपलिंग के कार्य में जुटे हुए हैं। बावजूद इसके उनके निलंबन की संस्तुति जिला प्रशासन द्वारा किया जाना चिकित्सकों का मनोबल गिरा रहा है। जहां पूरे देश में कोरोना वारियरों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया जा रहा हैं, वहीं यहां बिना सहमति के ही चिकित्सकों का 1 दिन का वेतन काटा जा रहा है जो ठीक नहीं है। कहा कि इस जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही मासिक प्रगति के नाम पर वेतन रोका गया है। इसका भी चिकित्सकों ने कड़ा विरोध किया हैं। इस संबंध में स्थानीय संघ ईकाई ने प्रदेश संगठन को पत्र भी भेजा है। जिसमें कहा गया है कि उत्पीड़न के कारण चिकित्सकों का मनोबल लगातार टूट रहा है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि चिकित्सकों के साथ इस प्रकार की घटनाओं को रोका नहीं गया तो सभी चिकित्सक सामूहिक त्यागपत्र दे देंगे। इस पत्र में डॉ. नवनीत चौधरी, डॉ. पूनम टम्टा, डॉ ऐश्वर्या रेवाड़ी, डॉ. प्रशांत, डॉ. अमित, डॉ. रिचा वर्मा, डॉ. प्रीति तोमर के हस्ताक्षर हैं। बैठक में  प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड द्वारा 1 सितंबर से 7 सितंबर तक मांगों के समर्थन में डॉक्टरों को काली पट्टी बांध कर कार्य करने के आहवान का समर्थन किया गया।

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