जम्मू-कश्मीर में 148 साल पुरानी परंपरा पर लगेगा विराम

  • संवेदनशील फाइलें ही जाएंगी श्रीनगर

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक गलियारों में इस साल 148 साल पुरानी एक परंपरा टूटने वाली है। इस बार केवल संवेदनशील फाइलों व दस्तावेजों को ही ट्रकों में भरकर जम्मू से श्रीनगर ले जाना का फैसला सरकार ने लिया है। केवल दस ट्रकों में ही संवेदनशील रिकॉर्ड को ले जाया जाएगा। इस संबंध में बीते सोमवार सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार दरबार मूव के तहत आने वाले सभी विभाग 15 अप्रैल तक ई आफिस में शिफ्ट हो जाएंगे। जम्मू से श्रीनगर दरबार मूव के दौरान इस बार ज्यादातर सरकारी रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से श्रीनगर नागरिक सचिवालय ले जाया जाएगा। सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील फाइलों जिन्हें डिजिटल तौर पर स्केन नहीं किया गया है उसकी पूरी सूची सौंपे ताकि 15 अप्रैल तक सामान्य प्रशासनिक विभाग का पूरा लेखाजोखा मिल जाए।
होगी 50 करोड़ की बचत
प्रदेश की शीतकालीन राजधानी जम्मू से श्रीनगर स्थानांतरण पहली बार पेपर लैस दरबार मूव के माध्यम से होगा। इससे प्रदेश सरकार के खजाने में करीब पचास करोड़ की बचत होगी। इसके अलावा ट्रकों व बसों में लोडिंग व अनलोडिंग में रिकार्ड के क्षतिग्रस्त होने की संभावना भी नहीं रहेगी।

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