सिंगापुर से दोस्ती खोलेगी प्रगति के नए द्वार: त्रिवेंद्र

सिंगापुर नेशनल विवि से उत्तराखंड में लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सुधार तथा देहरादून में बेहतर विकास से जुड़ी योजनाओं में सहयोग के लिये हुआ करार

देहरादून। सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह तथा सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी सिंगापुर के डाॅ. तेन खी गेप (डाॅ. गुप्ता) के मध्य उत्तराखंड में लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सुधार तथा दक्षता विकास तथा देहरादून में रहने योग्य सुविधाओं के बेहतर विकास से सम्बन्धित योजनाओं के लिये तकनीकी तथा क्रियान्वयन सहयोग के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर तथा भारत के आपसी सम्बन्ध सदैव ही सहयोगात्मक रहे हैं। प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार के अनुकूल अवसर प्रदान करने में लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार
ने नीतियों में बदलाव करते हुए इसे निवेश के अनुकूल भी बनाया गया है। इस क्षेत्र को और बेहतर बनाये जाने हेतु अधिक से अधिक युवाओं को इस क्षेत्र की तकनीकि व्यवहारिकता दक्षता के विकास में सहयोग की व्यवस्था से युवाओं को निश्चित रूप से इसका लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी से सम्बन्धित योजनाओं में भी सिंगापुर की तकनीकि दक्षता है। देहरादून शहर वासियों को आवासीय सुविधायें के विकास को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। इस दिशा में भी इनका सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी सिंगापुर का विश्ष्टि महत्व है। राज्य में 13 नये पर्यटन गंतव्यों के विकास में भी सिंगापुर का सहयोग लिया जा सकता है।
सिंगापुर नेशनल युनिवर्सिटी के डाॅ. तेन खी गेप ने कहा कि उत्तराखण्ड में एमएसएमई के साथ ही स्मार्ट सिटी व पर्यटन के क्षेत्र में भी वे राज्य के सहयोगी बनेंगे। उन्होंने सिंगापुर की भांति उत्तराखण्ड को भी बिजिनेस फेडरेशन बनाये जाने की बात कही। उनका मानना था कि राज्य में पर्यटन, योग, स्पा आदि के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनायें हैं। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव डाॅ. भूपिन्दर कौर औलख के साथ ही उद्योग विभाग एवं उत्तराखण्ड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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