बदरीनाथ और केदारनाथ के लिये बनायें अगले 100 साल की विकास योजना : मोदी

फाइल फोट

चारधाम का होगा कायाकल्प

  • प्रधानमंत्री ने आज बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से श्री केदारनाथ में चल रहे निर्माण कार्यों की ली जानकारी
  • भगवान केदारनाथ और बदरीनाथ में विभिन्न कार्यों के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार से दी जायेगी हरसंभव मदद  
  • मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पीएम से किया अनुरोध, केदारनाथ में निर्माण कार्यों के लिए चाहिये 200 करोड़ रुपये
  • उत्तराखंड के लोगों के लिए सीमित संख्या में भगवान केदारनाथ और बदरीनाथ जी के दर्शन के लिए दी गई है अनुमति
  • मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी के पालन करते हुए एक दिन में अधिकतम 800 लोग कर सकते हैं दर्शन

नई दिल्ली/देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से श्री केदारनाथ में चल रहे कार्यों की जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केदारनाथ के साथ ही भगवान बदरीनाथ के लिए भी अगले 100 साल तक की परिकल्पना के हिसाब से डेवलपमेंट प्लान बनाया जाये। उन्होंने कहा कि भगवान केदारनाथ एवं बदरीनाथ में विभिन्न कार्यों के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार से हरसंभव मदद दी जायेगी।

प्रधानमंत्री ने ड्रोन के माध्यम से श्री केदारनाथ में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का अवलोकन भी किया। उन्होंने केदारनाथ मन्दिर परिसर, आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि, सरस्वती घाट पर बने पुल एवं आस्था, केदारनाथ में बन रही गुफाओं, मंदाकिनी नदी पर बन रहे पुल, मंदाकिनी एवं सरस्वती के संगम पर बन रहे घाटों का अवलोकन किया।

इस मौके पर मोदी ने कहा कि रामबाड़ा से केदारनाथ तक छोटे-छोटे पेच को श्री केदारनाथ की स्मृतियों से जोड़ा जाये। इस क्षेत्र में अध्यात्म से संबंधित भी अनेक कार्य किये जा सकते हैं। जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे श्रद्धालुओं को श्री केदारनाथ के दर्शन के साथ ही यहां से जुड़ी धार्मिक एवं पारंपरिक महत्व के बारे में भी जानकारी मिलेगी। केदारनाथ के आसपास जो गुफाएं बनाई जा रही हैं, उनका सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाये और इनका स्वरूप आकर्षक हो।कहा कि अभी केदारनाथ में जो निर्माण कार्य तेजी से किये जा सकते हैं, शीर्ष प्राथमिकता के कार्य चिन्हित कर पहले उन्हे पूर्ण कर लिया जाये।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ में यात्रा की स्थिति के बारे में जानकारी ली।  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि केदारनाथ में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए राज्य को लगभग 200 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के लिए सीमित संख्या में भगवान केदारनाथ एवं बदरीनाथ जी के दर्शन के लिए अनुमति दी गई है। मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी के पालन करते हुए एक दिन में अधिकतम 800 लोग दर्शन कर सकते हैं।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने श्री केदारनाथ में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि के पुनर्निर्माण का कार्य 31 दिसम्बर तक पूरा हो जायेगा। सरस्वती घाट का कार्य पूर्णता की ओर है, यह कार्य 30 जून जक पूर्ण हो जायेगा। भैरव मन्दिर के रास्ते पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, यह कार्य निर्धारित समयावधि से पहले ही पूरा किया गया है। तीर्थ पुरोहितों को रहने के लिए 05 ब्लॉकों में घर बनाऐ जा रहे हैं, जिसमें से 02 ब्लाको में बनाये जा चुके हैं, शेष ब्लाकों में सितम्बर तक कार्य पूरा हो जायेगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में अध्यात्म की दृष्टि से तीन गुफाएं बनाई जा रही हैं, जिनका निर्माण कार्य सितम्बर तक पूर्ण हो जायेगा। मंदाकिनी नदी पर बन रहे पुल का कार्य 31 मार्च 2021 तक पूर्ण किया जायेगा। श्री केदारनाथ में ओपन म्यूजियम बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर भी उपस्थित थे।

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