दून : गायब रहकर 25 माह वेतन लेते रहे दारोगा जी!

रिटायर होने के बाद हुआ खुलासा

  • अक्तूबर 2017 में हुआ था लाइन हाजिर, तत्कालीन एसओ और थाने के मुंशी की लापरवाही आई सामने
  • रायवाला थाने में तैनात था विशेष श्रेणी सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार, वेतन की वसूली का नोटिस जारी

देहरादून। पुलिस विभाग का एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। लाइन हाजिर किया गया पुलिस का विशेष श्रेणी दारोगा 25 माह तक गायब रहा और लगातार वेतन लेता रहा। उसके रिटायरमेंट के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। अब पुलिस कप्तान की ओर से उससे वेतन वसूली का नोटिस भेजा गया है। इसके साथ ही तत्कालीन एसओ और मुंशी के खिलाफ भी कप्तान ने पुलिस एक्ट की धारा 14(1) की कार्रवाई को संस्तुति की है। इसमें अधिकतम दंड बर्खास्तगी तक होता है।
मामला रायवाला थाने का है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छह दिसंबर 2017 को तत्कालीन एसएसपी निवेदिता कुकरेती हरिद्वार से लौट रही थीं। इसी दौरान उन्हें रास्ते में जाम मिला तो उन्हें पता चला कि वहां विशेष श्रेणी दारोगा अशोक कुमार की ड्यूटी थी, लेकिन वह मौके पर नहीं थे। एसएसपी ने उन्हें आरटी सैट के माध्यम से ही लाइन हाजिर होने का आदेश दे दिया। हालांकि पता यह भी चला कि अशोक कुमार शर्मा छह दिसंबर से पहले से ही अनुपस्थित चल रहा था।
इसके बाद अशोक कुमार न तो थाने पहुंचा और न ही पुलिस लाइन। समय यूं ही बीतता चला गया। इस दौरान अक्तूबर 2019 में शर्मा के बेटे के संबंध में एक मौखिक शिकायत मौजूदा पुलिस कप्तान डीआईजी अरुण मोहन जोशी के पास आई। उन्होंने जब अशोक कुमार के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वह तो लाइन हाजिर हो गया था, लेकिन अभी तक न तो उसकी लाइन में ही कोई एंट्री है और न ही थाने को कुछ मालूम।
इस मामले की विभागीय जांच सीओ डालनवाला को सौंपी गई। जांच में पाया गया कि थाना रायवाला ने अशोक कुमार को अनुपस्थिति में ही रायवाला से पुलिस लाइन जाना दर्शा दिया। जबकि अशोक कुमार ने न तो लाइन में कोई आमद कराई और न ही अपनी अनुपस्थिति के बारे में कोई जानकारी दी। बीती 31 जनवरी को अशोक कुमार सेवानिवृत्त हो गया। इस तरह गायब रहते ही उसने लगभग 25 माह का वेतन पुलिस महकमे से लिया। अब नो वर्क नो पे का नोटिस अशोक कुमार को जिला पुलिस ने भेजा है। इस रकम की भरपाई उनकी ग्रेच्युटी, राशिकरण, उपार्जित अवकाश आदि से की जाएगी।
मामले की पुष्टि करते हुए डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि विशेष श्रेणी उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने पुलिस विभाग से तमाम बातें छुपाई हैं। वह बिना बताए 25 महीने गायब रहा और वेतन लेता रहा। सेवानिवृत्त होने के बाद अब उसे दिए जाने वाली विभिन्न राशि में से यह रकम वापस ली जाएगी। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेश जोशी और मुंशी मनोज कुमार की लापरवाही भी सामने आई है। महेश जोशी ने लाइन रवानगी और अशोक कुमार की अनुपस्थिति के बारे में कोई जानकारी पुलिस अधिकारियों को नहीं दी। इस पर इन दोनों के खिलाफ पुलिस एक्ट में वर्णित 14(1) की की कार्रवाई के लिए सिफारिश की गई है। अग्रिम विभागीय जांच एसपी ग्रामीण द्वारा की जाएगी।

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